



बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए की बड़ी जीत के पीछे राजस्थान के भाजपा नेताओं की रणनीति और प्रबंधन की अहम भूमिका रही। पार्टी नेतृत्व ने राजस्थान के वरिष्ठ नेताओं को बिहार में 55 विधानसभा सीटों की चुनावी जिम्मेदारी सौंपी थी, जिनमें से 49 सीटों पर एनडीए प्रत्याशियों ने जीत हासिल की। इन सीटों पर प्रचार, बूथ प्रबंधन, प्रधानमंत्री rallies, सोशल मीडिया कैंपेन और स्थानीय स्तर पर संगठनात्मक मजबूती का काम राजस्थान के नेताओं ने संभाला। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने भी बिहार में चुनावी सभाएं कीं और एनडीए उम्मीदवारों को समर्थन दिलाने में सक्रिय भूमिका निभाई।
भाजपा नेतृत्व ने पूर्व प्रदेशाध्यक्ष सीपी जोशी, पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़, पूर्व प्रदेशाध्यक्ष एवं हरियाणा प्रभारी सतीश पूनियां, प्रदेश सोशल मीडिया इंचार्ज हिरण कौशिक सहित कुल 20 वरिष्ठ नेताओं को बिहार चुनाव में विशेष जिम्मेदारी दी थी। इन नेताओं ने स्थानीय कार्यकर्ताओं के साथ बैठकर चुनावी रणनीति बनाई, जिसमें जनसभाएं, सामाजिक व क्षेत्रीय संगठनों से संपर्क, रोड शो, विपक्ष के खिलाफ प्रभावी पलटवार और सोशल मीडिया पर प्रभावी कैंपेन शामिल थे।
पार्टी के आंकड़ों के अनुसार, राजस्थान में 15 लाख से ज्यादा बिहारी मतदाता रहते हैं, जिनमें से अकेले जयपुर में लगभग 5 लाख हैं। दूसरी ओर 3 लाख से अधिक प्रवासी राजस्थानी बिहार में बसे हुए हैं। भाजपा ने इस सामाजिक-जनसांख्यिकीय जुड़ाव को ध्यान में रखते हुए दोनों वर्गों को साधने के लिए विशेष प्रचार रणनीति बनाई। प्रवासी राजस्थानी-मारवाड़ी वोटरों को आकर्षित करने की जिम्मेदारी भी राजस्थान के नेताओं को दी गई।
सीट-दर-सीट जिम्मेदारी भी तय की गई थी। राजेंद्र राठौड़ को पाटलीपुत्र, सीपी जोशी को दरभंगा, सतीश पूनियां को नवादा, अनिवाश गहलोत को मोतीहारी, कुलदीप धनकड़ को साहिबगंज और दामोदर अग्रवाल को सीतामढ़ी लोकसभा क्षेत्र की विधानसभा सीटों की जिम्मेदारी दी गई। वहीं हिरेन कौशिक को तिरहुत एवं मिथिला क्षेत्र की सीटों पर सोशल मीडिया प्रचार की कमान दी गई।
पूर्व प्रदेशाध्यक्ष व सांसद सीपी जोशी, प्रदेश महामंत्री व सांसद दामोदर अग्रवाल, मंत्री अविनाश गहलोत, विधायक कुलदीप धनकड़ व अतुल भंसाली, पूर्व केंद्रीय मंत्री निहाल चंद मेघवाल, प्रदेश महामंत्री ओम प्रकाश भड़ाना, प्रदेश मंत्री वसुदेव चावला व आईदान सिंह भाटी, पूर्व अध्यक्ष महिला आयोग सुमन शर्मा, प्रदेश सह संयोजक अनुराग जांगिड़, विधायक हरलाल सारण, संभाग प्रभारी सोमकांत शर्मा, पूर्व जिलाध्यक्ष विष्णु चेतानी, पूर्व प्रदेश मंत्री सरोज प्रजापत, पूर्व प्रदेश कार्यालय प्रभारी महेश शर्मा, अजमेर डिप्टी मेयर नीरज जैन सहित अन्य नेताओं को लगाया है। इसके अलावा महिला मोर्चा, एससी मोर्चा, एसटी मोर्चा के पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं की टीमों को भी बिहार चुनाव में भेजा गया था।
भाजपा का मानना है कि राजस्थान के नेताओं के अनुभव और संगठनात्मक क्षमता ने बिहार चुनाव में महत्वपूर्ण योगदान दिया और इसी समन्वित टीमवर्क की वजह से एनडीए को बड़ी सफलता मिली।