Saturday, 14 February 2026

पंचायत–निकाय चुनाव पर हाईकोर्ट का फैसला: 31 दिसंबर तक परिसीमन पूरा करें, 15 अप्रैल 2026 तक हर हाल में चुनाव, सरकार बोली—हम पहले से तैयार थे


पंचायत–निकाय चुनाव पर हाईकोर्ट का फैसला: 31 दिसंबर तक परिसीमन पूरा करें, 15 अप्रैल 2026 तक हर हाल में चुनाव, सरकार बोली—हम पहले से तैयार थे

राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि पंचायती राज संस्थाओं और शहरी निकायों के परिसीमन की प्रक्रिया 31 दिसंबर 2025 तक पूरी की जाए और 15 अप्रैल 2026 तक चुनाव हर हाल में करा दिए जाएं। अदालत के इस फैसले के बाद लंबे समय से लंबित पंचायत व निकाय चुनाव को लेकर अब स्थिति साफ हो गई है। कोर्ट ने यह आदेश पूर्व विधायक संयम लोढ़ा, गिरिराज सिंह देवंदा और अन्य याचिकाकर्ताओं द्वारा दायर कुल 439 याचिकाओं का निस्तारण करते हुए सुनाया।

सुनवाई के दौरान कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा और न्यायाधीश संजीत पुरोहित की खंडपीठ ने कई अहम टिप्पणियां कीं। अदालत ने कहा कि संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार पंचायतों व निकायों का 5 साल का कार्यकाल पूरा होते ही चुनाव होना अनिवार्य है और चुनाव किसी भी परिस्थिति में टाले नहीं जा सकते, सिवाय प्राकृतिक आपदा के। साथ ही कोर्ट ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि परिसीमन प्रक्रिया से संबंधित अधिसूचना को अब पुनः अदालत में चुनौती नहीं दी जा सकेगी।

कोर्ट ने राज्य सरकार से यह भी पूछा कि आखिर कब तक चुनाव टाले जाते रहेंगे। महाधिवक्ता जब कोई निश्चित तारीख नहीं बता सके, तो कोर्ट ने कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि सरकार की नीयत स्पष्ट नहीं है। पहले कोर्ट ने 31 मार्च तक चुनाव कराने का निर्देश दिया, लेकिन बोर्ड परीक्षाओं का हवाला देते हुए महाधिवक्ता और अन्य अधिवक्ताओं ने समय मांगा। इसके बाद कोर्ट ने 15 दिन का अतिरिक्त समय देते हुए अंतिम तिथि 15 अप्रैल 2026 तय कर दी। अदालत ने तीन सदस्यीय राज्य स्तरीय समिति बनाकर परिसीमन की शेष प्रक्रिया पूरा करने का निर्देश भी दिया।

अदालत ने यह भी माना कि कार्यकाल पूरा होने के बाद सरपंच या निकाय प्रतिनिधि सामान्य व्यक्ति बन जाते हैं और उन्हें प्रशासनिक कार्य नहीं सौंपे जा सकते। कई याचिकाओं में यह शिकायत भी थी कि वार्ड समाप्त होने के बाद भी संबंधित प्रधान को हटाया नहीं गया, जिस पर कोर्ट ने व्यवस्था स्पष्ट की कि प्रशासनिक अधिकार कानूनन नहीं दिए जा सकते।

सरकार की प्रतिक्रिया—"हम तैयार थे और अब भी हैं"

हाईकोर्ट के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए स्वायत्त शासन राज्यमंत्री झाबर सिंह खर्रा ने कहा कि राज्य सरकार पहले भी चुनाव कराने को तैयार थी और अब भी है। उन्होंने बताया कि सरकार निकायों के वार्डों के पुनर्गठन और परिसीमन की अधिसूचना पहले ही जारी कर चुकी है। अब आगे की प्रक्रिया ओबीसी आयोग और राज्य चुनाव आयोग को पूरी करनी है।

उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट के आदेशों की पालना कराना अब चुनाव आयोग का दायित्व है। फैसले की अधिकृत प्रति मिलने के बाद सरकार अध्ययन कर अगला निर्णय करेगी। मंत्री ने बताया कि राज्य सरकार “वन स्टेट–वन इलेक्शन” मॉडल का परीक्षण कर रही है और इसी दौरान कई जिलों के पुनर्गठन तथा निकाय सीमाओं के निर्धारण का काम भी समानांतर चल रहा है।

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