



जयपुर। राजस्थान विधानसभा का मानसून सत्र एक बार फिर कांग्रेस विधायकों के हंगामे और नारेबाजी से गूंज उठा। बिगड़ती कानून व्यवस्था के मुद्दे पर कांग्रेस विधायकों ने शून्यकाल के दौरान वेल में आकर जोरदार नारेबाजी की और पोस्टर लहराते हुए सरकार के खिलाफ विरोध जताया।
इससे पहले, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि सदन में कानून व्यवस्था पर गंभीर चर्चा होनी चाहिए। इस पर विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने कहा कि इस विषय पर चर्चा बीएसी (बिजनेस एडवाइजरी कमेटी) की बैठक में तय की जाएगी। जवाब से असंतुष्ट कांग्रेस विधायकों ने वेल में आकर नारे लगाए— “भजन सरकार होश में आओ”, “सरकारी जमीनों की चोरी बंद करो”।
प्रश्नकाल के दौरान भी सदन का माहौल गर्म रहा। कांग्रेस विधायक सोहनलाल नायक ने चकबंदी का नोटिफिकेशन जारी करने में देरी पर सवाल उठाया। संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने जवाब देते हुए कहा कि नोटिफिकेशन 21 अगस्त को जारी कर दिया गया है। इसी दौरान उन्होंने नेता प्रतिपक्ष की ओर इशारा करते हुए कहा— “नेता प्रतिपक्ष सुनते जाएं।”
इस पर विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी नाराज हो गए और पटेल को फटकारते हुए कहा— “आप जवाब इनको दे रहे हो क्या? नहीं, जवाब इधर। आप स्पीकर को संबोधित करते हुए जवाब दीजिए।” मंत्री पटेल ने सफाई दी कि उनका जवाब सदन को ही संबोधित था।