Sunday, 06 April 2025

श्राविका से रेप मामले में जैन मुनि शांतिसागर को 10 साल की सजा, कोर्ट ने लगाया 25 हजार का जुर्माना


श्राविका से रेप मामले में जैन मुनि शांतिसागर को 10 साल की सजा, कोर्ट ने लगाया 25 हजार का जुर्माना

सूरत की सेशन कोर्ट ने दिगंबर जैन मुनि शांतिसागर महाराज को 19 वर्षीय श्राविका (महिला जैन साधिका) के साथ रेप के मामले में 10 साल की सश्रम कारावास और 25 हजार रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई है। यह मामला साल 2017 का है, जब शांतिसागर महाराज सूरत के नानपुरा स्थित उपाश्रय में निवास कर रहे थे। मध्यप्रदेश से आई पीड़िता और उसके परिवार की उन पर अत्यधिक आस्था थी।

शांतिसागर महाराज ने पूजा विधि के बहाने पीड़िता को अपने कमरे में बुलाया और फिर उसे डरा-धमकाकर उसके साथ बलात्कार किया। परिवार ने पहले समाज में बदनामी के डर से चुप्पी साधी, लेकिन फिर अन्य युवतियों के साथ ऐसा न हो, इस आशंका के चलते 13 दिन बाद पुलिस में FIR दर्ज करवाई गई।

पीड़िता ने अपनी शिकायत में यह भी बताया कि पूजा विधि के नाम पर जैनमुनि ने उसकी निर्वस्त्र तस्वीरें मंगवाई थीं, यह कहकर कि उन्हें पूजा में प्रयोग किया जाएगा। अथवालाइंस पुलिस ने शांतिसागर को गिरफ्तार कर लिया था, और वह तब से सूरत की लाजपोर जेल में न्यायिक हिरासत में था।

सरकारी वकील नयन सुखड़वाला ने बताया कि मामले में 33 गवाहों के बयान, मेडिकल रिपोर्ट, और फॉरेंसिक सबूतों के आधार पर आरोप सिद्ध हुए।

यह घटना न केवल पीड़िता के जीवन को प्रभावित करने वाली है, बल्कि एक धार्मिक पद पर आसीन व्यक्ति द्वारा किए गए पाखंड और अपराध का गहरा उदाहरण है, जिसने गुरू-शिष्य परंपरा को कलंकित कर दिया।

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