जयपुर के हवामहल विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक बालमुकुंद आचार्य ने एक बार फिर बिना सरकारी मान्यता के चल रहे मदरसों पर कड़ी कार्रवाई की मांग उठाई है। इस संबंध में उन्होंने जयपुर जिला कलेक्टर को पत्र लिखकर आग्रह किया है कि क्षेत्र में संचालित ऐसे सभी मदरसों की जांच की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि इन पर समय रहते निगरानी नहीं रखी गई, तो ये समाज और कानून व्यवस्था के लिए खतरा बन सकते हैं।
विधायक को हाल ही में जेपी कॉलोनी, जलमहल के सामने स्थित 'मदरसा नूर उल इस्लाम' को लेकर स्थानीय नागरिकों से शिकायत मिली थी। शिकायत के अनुसार, इस मदरसे का सरकार से कोई पंजीकरण नहीं है, और यह बिना किसी अधिकृत मान्यता के संचालित किया जा रहा है। इतना ही नहीं, मौलाना मुफ्ती सलीम पुत्र रईस पर एक युवती को बहला-फुसलाकर फर्जी निकाह और जबरन अपहरण करने का गंभीर आरोप भी लगाया गया है। आरोप है कि मौलाना ने 47 वर्ष की उम्र में 22-23 साल की युवती से निकाह कर फर्जी प्रमाण पत्र भी बनवा लिए और शिकायत करने पर परिजनों को धमकाया।
विधायक आचार्य ने कहा कि इन मदरसों में सीसीटीवी कैमरे तक नहीं हैं, कोई निगरानी तंत्र मौजूद नहीं है और लंबे समय से संभवत: हवाला और अवैध फंडिंग जैसे मामलों की भी शिकायतें मिल रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग यहां फर्जी पहचान पत्र बनाकर शहर में रह रहे हैं और विदेशी चंदे और खाड़ी देशों से मिलने वाले पैसे के जरिए देशविरोधी गतिविधियों में संलिप्त हो सकते हैं।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, मदरसे में पहले भी कई बार बच्चियों के साथ अनैतिक गतिविधियों की शिकायतें सामने आई हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। बालमुकुंदाचार्य ने जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों से मांग की है कि इस मामले में तत्काल FIR दर्ज कर, कानूनी कार्रवाई की जाए और सभी गैर-पंजीकृत मदरसों की सघन जांच कराई जाए।
अब इस गंभीर मामले में जिला प्रशासन की भूमिका और कार्रवाई पर लोगों की नजरें टिकी हैं, क्योंकि यह मामला सामाजिक सुरक्षा, धार्मिक संस्थानों की पारदर्शिता और कानून व्यवस्था से जुड़ा है।