जयपुर राजस्थान आदिवासी मीना सेवा संघ के तत्वावधान में मीना समाज के ऐतिहासिक गौरव को संजोती एक विशेष डॉक्यूमेंट्री फिल्म का प्रदर्शन जवाहर कला केन्द्र, जयपुर में बड़े उत्साह और गरिमा के साथ किया गया। इस डॉक्यूमेंट्री में खोगंग के राजा आलनसिंह, आमेर के सुशावत वंश, कोटा-बूंदी सहित समस्त राजस्थान के मीना शासकों के शौर्य और ऐतिहासिक योगदान को विस्तृत रूप से दर्शाया गया है।
फिल्म में विशेष रूप से उस गोरिल्ला युद्ध प्रणाली को रेखांकित किया गया है, जिसका प्रयोग महाराणा प्रताप के साथ मिलकर सर्वप्रथम मीना योद्धाओं द्वारा किया गया था। यह युद्ध प्रणाली भारतीय इतिहास की सबसे अनूठी रणनीतियों में गिनी जाती है, जिसने मेवाड़ के स्वाभिमान को लंबे समय तक जीवित रखा।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपनेता प्रतिपक्ष रामकेश मीना, पूर्व मंत्री डॉ. कन्हैयालाल मीना (जिला अध्यक्ष), और टोडाभीम विधायक घनश्याम मेहर ने शिरकत की। सभी गणमान्य अतिथियों ने फिल्म की सराहना करते हुए इसे इतिहास की अनकही कहानियों को जनमानस तक पहुंचाने का एक सराहनीय प्रयास बताया।
राजस्थान आदिवासी मीना सेवा संघ द्वारा आयोजित इस ऐतिहासिक अवसर पर प्रदेशभर से सैकड़ों की संख्या में मीना समाज के पंच-पटेल, महिलाएं पारंपरिक भेष-भूषा में, और युवा वर्ग उपस्थित रहा। दर्शकों ने फिल्म के माध्यम से पहली बार अपने गौरवशाली अतीत को सजीव रूप में देखा और गर्व की अनुभूति की।
फिल्म प्रदर्शन के पश्चात वक्ताओं ने इस बात पर बल दिया कि ऐसे सांस्कृतिक प्रयासों से समाज में एकजुटता, आत्मबल और ऐतिहासिक चेतना का विस्तार होता है। संघ की ओर से यह भी घोषणा की गई कि आने वाले समय में इस फिल्म को प्रदेश के विभिन्न जिलों और गाँवों में भी दिखाया जाएगा।