Saturday, 29 March 2025

कोचिंग सेंटर विधेयक 2025 फिलहाल स्थगित, मिली राहत,ऑल कोचिंग इंस्टिट्यूट महासंघ ने जताया संतोष, विधेयक में संशोधन की मांग पर देंगे जोर


कोचिंग सेंटर विधेयक 2025 फिलहाल स्थगित, मिली राहत,ऑल कोचिंग इंस्टिट्यूट महासंघ ने जताया संतोष, विधेयक में संशोधन की मांग पर देंगे जोर

जयपुर। राजस्थान विधानसभा में 'कोचिंग सेंटर विधेयक 2025' अभी तक पारित नहीं हो पाया है, जिससे राज्यभर के कोचिंग सेंटर संचालकों को बड़ी राहत मिली है। ऑल कोचिंग इंस्टिट्यूट महासंघ ने इस पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है और सरकार को धन्यवाद देते हुए, भविष्य में विधेयक को अधिक व्यावहारिक और सरल बनाने की दिशा में सुधार की आवश्यकता जताई है।

जयपुर में प्रेस वार्ता के मुख्य बिंदु: राष्ट्रीय अध्यक्ष आरसी शर्मा ने कहा कि हालांकि यह विधेयक विधानसभा में पेश हो चुका है और भविष्य में पारित हो सकता है, लेकिन अभी का यह अंतराल सभी हितधारकों के लिए संविधानिक संवाद और सुझाव देने का अवसर है।

शर्मा ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का आभार जताया और कहा कि कुछ जटिल बिंदुओं को हटाकर कुछ सुझाव शामिल किए गए हैं, लेकिन अब भी विधेयक को व्यावहारिक और न्यायोचित बनाए जाने की आवश्यकता है।

प्रदेश अध्यक्ष अनीश कुमार नाडार ने बेहद अहम सवाल उठाते हुए कहा कि "विधेयक में पेपर लीक और आत्महत्या जैसे गंभीर मुद्दों का कोई उल्लेख नहीं है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि जब छात्र आत्महत्या करते हैं, तो कोचिंग सेंटर को दोषी ठहराया जाता है, जबकि कई बार इसके पीछे अभिभावकों का अत्यधिक दबाव प्रमुख कारण होता है।"

प्रदेश महासचिव अजय अग्रवाल ने कहा कि शीघ्र ही वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से मुलाकात कर इस विधेयक को सरल और व्यावहारिक बनाने की मांग करेंगे।

महासंघ ने कोचिंग इंडस्ट्री की छवि और छात्रों की मानसिक सुरक्षा के बीच संतुलन बनाने की दिशा में "पेपर लीक माफिया को बाहर करने और जिम्मेदार व्यक्तियों को सजा देने" की मांग की।

महासंघ के राष्ट्रीय महासचिव डॉ. सिराज खान, प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. किरण और सभी जिला अध्यक्षों को शामिल करते हुए एक राज्य स्तरीय प्रतिनिधिमंडल का गठन किया गया है, जो मुख्यमंत्री से जिलेवार समस्याओं पर चर्चा करेगा।

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