Tuesday, 01 September 2026

मथानिया चुनाव विवाद पर डोटासरा ने उठाए सवाल, बोले- नामांकन समय के बाद भाजपा विधायक RO कक्ष में कैसे रहे, दिव्या मदेरणा ने भी मांगा जवाब


मथानिया चुनाव विवाद पर डोटासरा ने उठाए सवाल, बोले- नामांकन समय के बाद भाजपा विधायक RO कक्ष में कैसे रहे, दिव्या मदेरणा ने भी मांगा जवाब

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जोधपुर। मथानिया नगर पालिका चुनाव में नामांकन प्रक्रिया को लेकर उठे विवाद पर अब कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष और विधायक गोविंद सिंह डोटासरा ने भी सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि नामांकन का निर्धारित समय समाप्त होने के बाद भी भाजपा विधायक भैराराम सियोल कथित रूप से रिटर्निंग ऑफिसर (RO) के कक्ष में मौजूद रहे। डोटासरा ने चुनाव आयोग से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।

वहीं पूर्व विधायक दिव्या मदेरणा ने भी प्रशासन और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए पूछा कि जब दोपहर 3 बजे के बाद नामांकन प्रक्रिया में किसी को प्रवेश की अनुमति नहीं थी तो स्थानीय विधायक और उनके साथ मौजूद लोगों को अंदर कैसे जाने दिया गया।

डोटासरा बोले- सत्ता पक्ष के लिए क्या अलग नियम हैं?

गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि मथानिया नगर पालिका चुनाव में निष्पक्षता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। उन्होंने चुनाव आयोग से पूछा कि नामांकन का अंतिम समय निकल जाने के बाद भी भाजपा विधायक भैराराम सियोल का RO कक्ष में मौजूद रहना किस अधिकार और किस उद्देश्य से था।

डोटासरा ने कहा कि जब पूरी चुनाव प्रक्रिया निर्धारित नियमों और समय-सीमा से संचालित होती है तो यह स्पष्ट होना चाहिए कि क्या सत्ता पक्ष के लिए अलग नियम लागू किए जा रहे हैं। उन्होंने पूर्व विधायक दिव्या मदेरणा के धरने को चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता से जुड़ी मांग बताते हुए निर्वाचन आयोग से पूरे घटनाक्रम की जांच कराने को कहा।

‘लोकतंत्र में कानून और नियम सर्वोपरि होने चाहिए’

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि चुनाव आयोग को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि निर्वाचन प्रक्रिया पर किसी तरह के सत्ता के दबाव का संदेह न रहे। डोटासरा ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में कानून और निर्वाचन नियम सर्वोपरि होने चाहिए तथा सभी प्रत्याशियों और राजनीतिक दलों के लिए समान व्यवस्था लागू होनी चाहिए।

दिव्या मदेरणा ने पूछा- बंद गेट से विधायक को अंदर कैसे ले गई पुलिस?

पूर्व विधायक दिव्या मदेरणा ने भी इस मामले में कई सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि जब नामांकन का समय दोपहर 3 बजे समाप्त हो चुका था और गेट बंद कर दिया गया था, तब स्थानीय विधायक तथा उनके लोगों को अंदर कैसे प्रवेश दिया गया। उन्होंने सवाल किया कि यदि प्रवेश बंद था तो पुलिस अधिकारी कथित रूप से उन्हें अंदर किस आधार पर लेकर गए।

कांग्रेस प्रत्याशी को बाहर निकालने पर भी सवाल

दिव्या मदेरणा ने दावा किया कि कांग्रेस प्रत्याशी को निर्वाचन परिसर से बाहर निकाला गया। उन्होंने पूछा कि पुलिस को ऐसा करने के निर्देश किस अधिकारी ने दिए और इसकी क्या वजह थी।

उन्होंने कहा कि क्या चुनावी प्रक्रिया में सत्ता पक्ष और विपक्ष के लिए अलग-अलग नियम हैं? क्या यही प्रशासन की निष्पक्षता है?” हालांकि इन आरोपों पर संबंधित निर्वाचन अधिकारियों, पुलिस प्रशासन और भाजपा विधायक का विस्तृत आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

‘जिम्मेदार अधिकारियों को देना होगा जवाब’

दिव्या मदेरणा ने कहा कि इस मामले में जिम्मेदार अधिकारियों को जवाब देना होगा और किसी प्रकार की लीपापोती स्वीकार नहीं की जाएगी। कांग्रेस की ओर से अब निर्वाचन आयोग से यह जांच कराने की मांग की जा रही है कि नामांकन का निर्धारित समय समाप्त होने के बाद निर्वाचन कार्यालय में कौन-कौन मौजूद था, किसे प्रवेश दिया गया और क्या चुनाव आयोग के निर्धारित नियमों की समान रूप से पालना हुई।

मथानिया चुनाव को लेकर बढ़ा सियासी विवाद

पहले दिव्या मदेरणा के धरने और अब प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के बयान के बाद मथानिया नगर पालिका चुनाव का यह मामला प्रदेश की राजनीति में भी चर्चा का विषय बन गया है।

कांग्रेस ने इसे निर्वाचन प्रक्रिया की निष्पक्षता और पारदर्शिता से जुड़ा मुद्दा बनाया है। अब नजर निर्वाचन आयोग और स्थानीय प्रशासन के आधिकारिक जवाब पर रहेगी।

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