



सीकर। नगर निकाय चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने का समय पूरा हो गया है। नामांकन के अंतिम दिन सोमवार को सीकर नगर परिषद के 65 वार्डों के पार्षद पद के लिए बड़ी संख्या में दावेदार पर्चा दाखिल करने पहुंचे। दिनभर चले नामांकन के दौरान 200 से ज्यादा नामांकन जमा होने की जानकारी सामने आई है।
सुबह से ही एसडीएम कार्यालय, कलेक्ट्रेट और कोर्ट कैंपस के बाहर प्रत्याशियों और समर्थकों की भारी भीड़ रही। कई उम्मीदवार माला पहनकर, नारेबाजी करते हुए और समर्थकों के साथ नामांकन दाखिल करने पहुंचे।
नामांकन के अंतिम दिन सुबह से ही एसडीएम कार्यालय के बाहर प्रत्याशियों की लंबी कतार लग गई। एक समय पर लाइन करीब 200 मीटर तक पहुंच गई। कलेक्ट्रेट और कोर्ट परिसर भी उम्मीदवारों और उनके समर्थकों से खचाखच भर गया। भीड़ बढ़ने पर पुलिस को व्यवस्था संभालने के लिए हस्तक्षेप करना पड़ा।
भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस ने कलेक्ट्रेट और कोर्ट कैंपस को खाली करवाया और केवल प्रत्याशियों को अंदर रुकने दिया। समर्थकों को बाहर भेज दिया गया, ताकि नामांकन प्रक्रिया व्यवस्थित तरीके से पूरी हो सके। अंतिम दिन बड़ी संख्या में उम्मीदवारों के पहुंचने के कारण प्रशासन को लगातार भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखनी पड़ी।
नामांकन के दौरान चुनावी उत्साह भी अलग-अलग रूप में दिखाई दिया। कुछ दावेदार अपने समर्थकों के साथ होली खेलते हुए नामांकन दाखिल करने पहुंचे। समर्थकों ने रंग-गुलाल लगाकर उम्मीदवारों का उत्साह बढ़ाया। इससे कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर दिनभर चुनावी माहौल बना रहा।
भाजपा और कांग्रेस की ओर से प्रत्याशियों के अधिकृत सिंबल सीधे रिटर्निंग अधिकारियों के पास जमा करवाए जाएंगे। ऐसे में नामांकन दाखिल करने वाले सभी दावेदारों में से पार्टी का अंतिम अधिकृत प्रत्याशी कौन होगा, यह सिंबल जमा होने के बाद पूरी तरह साफ होगा। यह व्यवस्था टिकट वितरण के बाद संभावित बगावत और अंतिम समय के बदलावों को देखते हुए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
65 वार्डों के लिए 200 से ज्यादा नामांकन दाखिल होने के बाद अब चुनावी प्रक्रिया का अगला महत्वपूर्ण चरण नामांकन पत्रों की जांच और नाम वापसी का रहेगा। इन प्रक्रियाओं के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि किस वार्ड में कितने प्रत्याशी अंतिम रूप से मैदान में रहेंगे और भाजपा-कांग्रेस के मुकाबले में कितने निर्दलीय उम्मीदवार चुनौती पेश करेंगे।