



जयपुर। नगर निगम चुनाव के लिए टिकट वितरण के बाद कांग्रेस में असंतोष खुलकर सामने आ गया है। टिकट नहीं मिलने से नाराज कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जयपुर शहर कांग्रेस अध्यक्ष सुनील शर्मा के घर के बाहर धरना शुरू कर दिया। कार्यकर्ताओं ने टिकट वितरण की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि उन्हें अंतिम समय तक भरोसे में रखा गया, लेकिन टिकट तय करते समय उनकी अनदेखी की गई।
धरने पर बैठे कार्यकर्ताओं ने कहा कि वे लंबे समय से पार्टी के लिए काम कर रहे थे और उन्हें टिकट को लेकर सकारात्मक संकेत दिए गए थे। इसके बावजूद अंतिम सूची में उनका या उनके समर्थित दावेदार का नाम नहीं आने से नाराजगी बढ़ गई।
प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि टिकट वितरण से पहले उन्हें वास्तविक स्थिति नहीं बताई गई। उनका कहना है कि लंबे समय तक उन्हें उम्मीद में रखा गया और आखिरी समय में किसी अन्य दावेदार के नाम पर फैसला कर दिया गया। नाराज कार्यकर्ताओं ने कहा कि टिकट वितरण में स्थानीय कार्यकर्ताओं और संगठन से जुड़े लोगों की राय को पर्याप्त महत्व नहीं दिया गया।
प्रदर्शन के दौरान कुछ नाराज कार्यकर्ताओं ने शहर कांग्रेस अध्यक्ष सुनील शर्मा के खिलाफ भी खुलकर नाराजगी जाहिर की। कार्यकर्ताओं ने कहा कि वे अब अपना विरोध जारी रखेंगे और “सुनील शर्मा जहां मिलेंगे, वहां विरोध करेंगे।”
इस बयान के बाद कांग्रेस के भीतर टिकट वितरण को लेकर चल रहा असंतोष और ज्यादा खुलकर सामने आ गया है।
जयपुर नगर निगम चुनाव में कांग्रेस के भीतर पहले से ही टिकट के कई दावेदार सक्रिय थे। कई वार्डों में एक ही टिकट के लिए कई मजबूत नेताओं और कार्यकर्ताओं ने दावेदारी कर रखी थी।
ऐसे में प्रत्याशियों के नाम सामने आते ही टिकट से वंचित दावेदारों और उनके समर्थकों का विरोध शुरू हो गया। शहर अध्यक्ष के घर के बाहर धरना इसी नाराजगी का बड़ा संकेत माना जा रहा है।
टिकट वितरण के बाद अब कांग्रेस के सामने सबसे बड़ी चुनौती नाराज कार्यकर्ताओं और दावेदारों को मनाने की है। यदि असंतोष समय रहते नहीं थमा तो कुछ वार्डों में बागी प्रत्याशी या निर्दलीय उम्मीदवार पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी के चुनावी समीकरण बिगाड़ सकते हैं।
अब नजर इस बात पर रहेगी कि प्रदेश और शहर कांग्रेस नेतृत्व नाराज कार्यकर्ताओं से बातचीत कर मामला शांत करता है या विरोध आगे और तेज होता है।