



झालावाड़। भवानीमंडी नगर पालिका चुनाव की सरगर्मी के बीच कांग्रेस ने भाजपा को बड़ा राजनीतिक झटका दिया है। नामांकन प्रक्रिया के अंतिम चरण से पहले भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व पालिका अध्यक्ष रामलाल गुर्जर ने पार्टी छोड़कर कांग्रेस का दामन थाम लिया। उनके साथ पूर्व पालिका अध्यक्ष पिंकी गुर्जर और पूर्व पार्षद सुगना गुर्जर ने भी कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की।
तीनों नेताओं के कांग्रेस में शामिल होने से भवानीमंडी की स्थानीय राजनीति में नए समीकरण बनने की चर्चा तेज हो गई है। खास बात यह है कि रामलाल गुर्जर हाल ही में नगर पालिका चुनाव के लिए गठित भाजपा की 11 सदस्यीय चुनाव समिति में भी शामिल किए गए थे। ऐसे में चुनाव के ऐन मौके पर उनका पार्टी छोड़ना भाजपा के लिए बड़ा संगठनात्मक झटका माना जा रहा है।
कांग्रेस में शामिल होने के दौरान डग विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस प्रत्याशी रहे चेतराज गेहलोत, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष रोड सिंह परमार और नगर कांग्रेस अध्यक्ष विनय आस्तोलिया मौजूद रहे। कांग्रेस नेताओं ने रामलाल गुर्जर, पिंकी गुर्जर और सुगना गुर्जर को पार्टी का दुपट्टा पहनाकर औपचारिक रूप से सदस्यता दिलाई।
रामलाल गुर्जर ने कांग्रेस में शामिल होने के बाद कहा कि वे करीब 40 वर्षों तक भाजपा से जुड़े रहे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस में उन्हें सम्मान और प्रेम मिला, इसलिए उन्होंने पार्टी बदलने का फैसला किया।
उनका यह बयान स्थानीय राजनीति में इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि वे लंबे समय से भाजपा संगठन और नगर पालिका की राजनीति में सक्रिय रहे हैं।
नगर पालिका चुनाव को लेकर भाजपा ने प्रत्याशी चयन और चुनावी रणनीति के लिए 11 सदस्यीय समिति बनाई थी। रामलाल गुर्जर को भी इस समिति में जगह दी गई थी।
ऐसे में चुनावी प्रक्रिया के महत्वपूर्ण दौर में उनका पार्टी छोड़ना भाजपा के लिए सिर्फ एक नेता के जाने तक सीमित नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे स्थानीय संगठन के भीतर असंतोष के संकेत के रूप में भी देखा जा रहा है।
रामलाल गुर्जर के साथ उनकी बहू और पूर्व पालिका अध्यक्ष पिंकी गुर्जर तथा पूर्व पार्षद सुगना गुर्जर का कांग्रेस में शामिल होना भी राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
तीनों नेताओं का स्थानीय स्तर पर अपना प्रभाव और समर्थक वर्ग है। ऐसे में कांग्रेस को उम्मीद है कि इसका फायदा नगर पालिका चुनाव में मिल सकता है।
नामांकन और टिकट वितरण के बीच तीन प्रमुख चेहरों का भाजपा छोड़कर कांग्रेस में जाना चुनावी मुकाबले को और दिलचस्प बना सकता है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि इस घटनाक्रम का असर संबंधित वार्डों और भाजपा के स्थानीय संगठन पर कितना पड़ता है।
चुनाव के अंतिम दौर में दल-बदल की यह घटना भवानीमंडी नगर पालिका चुनाव के प्रमुख राजनीतिक घटनाक्रमों में शामिल हो गई है।