



अजमेर। अजमेर नगर निगम चुनाव में पार्षद पद के लिए नामांकन दाखिल करने का सोमवार को आखिरी दिन है। अंतिम दिन कलेक्ट्रेट और निर्वाचन कार्यालयों में प्रत्याशियों की आवाजाही तेज हो गई है। बड़ी संख्या में उम्मीदवार नामांकन दाखिल करने पहुंच रहे हैं। भीड़ को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने विशेष सुरक्षा और यातायात व्यवस्था की है।
सबसे दिलचस्प स्थिति भाजपा और कांग्रेस को लेकर बनी हुई है। दोनों प्रमुख दलों ने अभी तक आधिकारिक रूप से अपने सभी प्रत्याशियों की सूची सार्वजनिक नहीं की है, लेकिन संभावित उम्मीदवारों को मोबाइल फोन के जरिए नामांकन दाखिल करने की सूचना दी जा चुकी है। इसके बाद सोमवार को दोनों दलों से जुड़े दावेदार बड़ी संख्या में निर्वाचन कार्यालय पहुंचने लगे।
टिकट वितरण में भाजपा और कांग्रेस दोनों ने कई मौजूदा पार्षदों के टिकट काटे हैं, जबकि कई नए चेहरों को मौका मिलने की चर्चा है। टिकट नहीं मिलने से नाराज कुछ दावेदारों ने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में भी नामांकन दाखिल कर दिया है।
दोनों दलों में टिकट वितरण के बाद संभावित बगावत को देखते हुए प्रत्याशियों की अधिकृत स्थिति को अंतिम समय तक स्पष्ट नहीं किया जा रहा है। पार्टी के अधिकृत सिंबल से संबंधित दस्तावेज सीधे निर्वाचन कार्यालय में जमा कराए जाने की तैयारी है।
ऐसे में केवल नामांकन दाखिल कर देने से किसी उम्मीदवार को भाजपा या कांग्रेस का अंतिम अधिकृत प्रत्याशी नहीं माना जा सकेगा। किस उम्मीदवार को पार्टी का सिंबल मिलता है, उसके बाद ही वार्डवार अधिकृत प्रत्याशी की वास्तविक स्थिति साफ होगी।
नामांकन के अंतिम दिन भाजपा शहर जिलाध्यक्ष रमेश सोनी की पत्नी रंजना सोनी ने वार्ड संख्या 12 से नामांकन दाखिल किया।
वार्ड 12 अजमेर नगर निगम के 80 वार्डों में सबसे कम मतदाताओं वाला वार्ड बताया जा रहा है। यह वार्ड अनारक्षित महिला के लिए आरक्षित है। ऐसे में भाजपा शहर जिलाध्यक्ष की पत्नी का यहां से मैदान में उतरना राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
उपलब्ध नामांकन अपडेट में कुछ उम्मीदवारों के नाम पार्टी से जुड़े दावेदार और निर्दलीय दोनों सूचियों में दिखाई दे रहे हैं। इनमें ममता समदानी, आरिफ हुसैन, विनोद कुमार, रमजान खान, वसीम खान, निखिल टंडन और स्नेहलता अग्रवाल जैसे नाम शामिल हैं। वार्ड 20 में हेमंत का नाम भी भाजपा और निर्दलीय दोनों अपडेट में सामने आया है।
ऐसे में अंतिम चुनावी स्थिति नामांकन पत्रों की जांच, पार्टी की ओर से अधिकृत सिंबल दिए जाने और नाम वापसी की प्रक्रिया के बाद ही पूरी तरह साफ होगी।
भाजपा और कांग्रेस दोनों में कई दावेदार लंबे समय से टिकट की तैयारी में लगे हुए थे। अंतिम समय में नाम बदलने और कुछ मौजूदा पार्षदों के टिकट कटने के कारण असंतोष भी सामने आने लगा है।
कई दावेदारों ने पार्टी के अंतिम फैसले का इंतजार किए बिना निर्दलीय नामांकन दाखिल कर चुनाव लड़ने का विकल्प खुला रखा है। यदि ये उम्मीदवार नाम वापसी तक मैदान में बने रहते हैं तो कई वार्डों में भाजपा और कांग्रेस के अधिकृत प्रत्याशियों के लिए मुश्किल बढ़ सकती है।
नामांकन के आखिरी दिन बड़ी संख्या में पर्चे दाखिल होने के कारण अजमेर नगर निगम के सभी 80 वार्डों की चुनावी तस्वीर तेजी से बदल रही है। दोनों प्रमुख पार्टियों की अधिकृत सूची और सिंबल जमा होने के बाद ही तय होगा कि किस वार्ड से कौन पार्टी का उम्मीदवार है और कौन बागी होकर मैदान में बना रहेगा।
अब चुनावी नजर केवल नामांकन पर नहीं, बल्कि सिंबल आवंटन, नामांकन जांच और नाम वापसी पर भी रहेगी। इसके बाद ही अजमेर के 80 वार्डों में भाजपा, कांग्रेस, अन्य दलों और निर्दलीयों के बीच वास्तविक मुकाबले की तस्वीर सामने आएगी।