



नगरीय निकाय चुनाव में किस्मत आजमाने की तैयारी कर रहे दावेदारों के लिए नामांकन प्रक्रिया से जुड़ी एक महत्वपूर्ण शर्त सामने आई है। चुनाव लड़ने वाले अभ्यर्थियों को अब नामांकन पत्र के साथ ओडीएफ यानी खुले में शौच मुक्त होने से संबंधित शपथ पत्र भी प्रस्तुत करना होगा।
इस शपथ पत्र में प्रत्याशी को यह घोषणा करनी होगी कि उसके घर में शौचालय उपलब्ध है और उसका नियमित रूप से उपयोग किया जा रहा है। यानी चुनावी मैदान में उतरने से पहले प्रत्याशी को अपनी स्वच्छता व्यवस्था को लेकर भी औपचारिक घोषणा करनी होगी।
इस प्रावधान की खास बात यह है कि केवल प्रत्याशी के घर में शौचालय होना ही पर्याप्त नहीं माना जाएगा। निर्धारित शपथ पत्र में अभ्यर्थी को अपने परिवार के सदस्यों से संबंधित जानकारी भी देनी होगी।
प्रत्याशी को यह बताना होगा कि परिवार के सदस्यों के घरों में शौचालय की सुविधा उपलब्ध है या नहीं और उसका नियमित उपयोग किया जा रहा है या नहीं। ऐसे में निकाय चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे दावेदारों के लिए अब केवल राजनीतिक और दस्तावेजी तैयारी ही नहीं, बल्कि स्वच्छता से संबंधित यह घोषणा भी महत्वपूर्ण हो गई है।
ओडीएफ संबंधी घोषणा को नामांकन प्रक्रिया का हिस्सा बनाने के लिए नामांकन पत्र में इसके लिए अलग से पूरा पेज निर्धारित किया गया है।
अभ्यर्थी को तय प्रारूप में यह शपथ पत्र भरकर जमा करना होगा। इसमें शौचालय की उपलब्धता और उसके नियमित उपयोग को लेकर स्पष्ट घोषणा की जाएगी। नामांकन दाखिल करने से पहले प्रत्याशियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि फॉर्म का यह हिस्सा सही तरीके से भरा गया हो और आवश्यक घोषणा पूरी की गई हो।
निकाय चुनाव में नामांकन के दौरान प्रत्याशी के दस्तावेजों की जांच की जाती है। ऐसे में ओडीएफ संबंधी घोषणा भी नामांकन प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा बन गई है। यदि किसी अभ्यर्थी द्वारा निर्धारित प्रारूप में जानकारी नहीं दी जाती या दस्तावेज अधूरे रहते हैं, तो जांच के दौरान उस पर आपत्ति उठ सकती है। इसलिए प्रत्याशियों को नामांकन दाखिल करने से पहले सभी दस्तावेजों को सावधानी से जांचने की जरूरत होगी।
ओडीएफ शपथ पत्र की व्यवस्था से स्थानीय निकाय चुनाव में स्वच्छता को भी प्रत्याशी की जिम्मेदारी से जोड़ा गया है। नगर निकायों का सीधा संबंध सफाई, सीवरेज, कचरा प्रबंधन और सार्वजनिक स्वच्छता से होता है। ऐसे में चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवार से अपने घर और परिवार की स्वच्छता व्यवस्था के संबंध में घोषणा लेना इस प्रक्रिया को सामाजिक जिम्मेदारी से भी जोड़ता है।
चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों के लिए अब यह जरूरी है कि नामांकन पत्र केवल औपचारिकता मानकर न भरा जाए। फॉर्म में मांगी गई प्रत्येक घोषणा और जानकारी को ध्यान से पढ़ना होगा। विशेष रूप से ओडीएफ संबंधी शपथ पत्र के लिए अलग पेज निर्धारित होने के कारण प्रत्याशी को यह सुनिश्चित करना होगा कि संबंधित विवरण पूर्ण और स्पष्ट रूप से भरे गए हों।
निकाय चुनाव में नामांकन की अंतिम प्रक्रिया तक दस्तावेजों की छोटी सी गलती भी दावेदार के लिए परेशानी का कारण बन सकती है। ऐसे में प्रत्याशियों को समय रहते सभी आवश्यक प्रमाण और घोषणाएं तैयार रखने की सलाह दी जा रही है।