



जयपुर। सावन माह के पावन अवसर पर जयपुर में पवित्र गलता जी तीर्थ से विनायक सरोवर, पत्रकार कॉलोनी तक दूसरी कावड़ यात्रा श्रद्धा और उत्साह के साथ निकाली गई। यात्रा में बड़ी संख्या में महिला और पुरुष श्रद्धालुओं ने भाग लिया और पूरे मार्ग में ‘बोल बम’ और ‘हर-हर महादेव’ के जयकारे गूंजते रहे।
कावड़ यात्रा गलता जी से पवित्र जल लेकर रवाना हुई और विभिन्न मार्गों से होते हुए पत्रकार कॉलोनी स्थित विनायक सरोवर पहुंची। यात्रा के समापन पर श्रद्धालुओं ने मंदिर में भगवान शिव का जलाभिषेक किया और सुख-शांति, समृद्धि एवं परिवार के मंगल की कामना की।
कावड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालु भक्ति गीतों और भगवान शिव के जयकारों के साथ आगे बढ़ते रहे। DJ पर बजते शिव भजनों के बीच कावड़ियों में खासा उत्साह दिखाई दिया। यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं ने पारंपरिक तरीके से कावड़ लेकर गलता जी से विनायक सरोवर तक यात्रा पूरी की। जगह-जगह लोगों ने कावड़ियों का स्वागत भी किया।
यात्रा विनायक सरोवर स्थित मंदिर पहुंचने के बाद धार्मिक अनुष्ठानों के साथ संपन्न हुई। कावड़ियों और अन्य श्रद्धालुओं ने भगवान शिव पर गलता जी से लाए गए पवित्र जल से अभिषेक किया। मंदिर परिसर में दिनभर धार्मिक वातावरण बना रहा और श्रद्धालुओं ने भगवान शिव से प्रदेश और परिवारों की खुशहाली की प्रार्थना की।
मंदिर समिति के अध्यक्ष मुकेश शर्मा ने बताया कि कावड़ यात्रा के अवसर पर मंदिर में रामायण पाठ का भी आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं ने रामायण पाठ में भाग लेकर धार्मिक अनुष्ठानों में सहभागिता की। इस दौरान मंदिर परिसर में भजन और मंत्रोच्चार की ध्वनि गूंजती रही।
दिन में मंदिर परिसर में सहस्त्रघट अभिषेक का आयोजन किया गया। इसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया और भगवान शिव की पूजा-अर्चना की। सावन माह में भगवान शिव के अभिषेक का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। इसी भावना के साथ श्रद्धालुओं ने पूरे उत्साह के साथ धार्मिक कार्यक्रमों में भाग लिया।
धार्मिक कार्यक्रमों के बाद शाम को सभी श्रद्धालुओं के लिए भोजन प्रसादी की व्यवस्था भी की गई। कावड़ यात्रा में शामिल लोगों के साथ स्थानीय श्रद्धालुओं ने भी प्रसादी ग्रहण की। मंदिर समिति की ओर से कार्यक्रम को व्यवस्थित रूप से संपन्न कराने के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई थीं।
कावड़ यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी को देखते हुए सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के लिए पुलिस प्रशासन भी मुस्तैद रहा। यात्रा मार्ग पर यातायात को नियंत्रित करने और श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए पुलिसकर्मी तैनात रहे।
यात्रा के समापन पर श्रद्धालुओं ने भगवान शिव से समाज और प्रदेश में सुख-शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। दूसरी बार आयोजित इस कावड़ यात्रा ने सावन माह के धार्मिक उत्साह को और बढ़ाया। आयोजकों ने भविष्य में भी इस परंपरा को जारी रखने का संकल्प जताया।