



जयपुर। जयपुर नगर निगम चुनाव-2026 की मतगणना इस बार जेएलएन मार्ग स्थित राजस्थान कॉलेज और कॉमर्स कॉलेज परिसर में नहीं होगी। जिला निर्वाचन शाखा ने काउंटिंग सेंटर बदलते हुए सीकर रोड स्थित भवानी निकेतन परिसर में मतगणना कराने का निर्णय किया है।
मतगणना स्थल बदलने की प्रमुख वजह गणेश चतुर्थी पर मोतीडूंगरी गणेश मंदिर के आसपास होने वाली भारी भीड़ और ट्रैफिक व्यवस्था को बताया गया है।
जयपुर नगर निगम के 150 वार्डों के लिए 11 सितंबर को मतदान होगा, जबकि मतगणना 14 सितंबर को कराई जाएगी।
यदि वोटों की गिनती राजस्थान कॉलेज और कॉमर्स कॉलेज में कराई जाती तो गणेश चतुर्थी के कारण जेएलएन मार्ग पर पहले से मौजूद भारी भीड़ के साथ प्रत्याशियों और समर्थकों की भीड़ भी जुड़ जाती। इसी वजह से प्रशासन ने काउंटिंग सेंटर भवानी निकेतन परिसर में स्थानांतरित करने का फैसला किया है।
गणेश चतुर्थी के अवसर पर मोतीडूंगरी गणेश मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। इस दौरान जेएलएन मार्ग पर यातायात का दबाव काफी बढ़ जाता है।
पुलिस प्रशासन को कई बार गांधी सर्किल से त्रिमूर्ति सर्किल के बीच ट्रैफिक डायवर्जन लागू करना पड़ता है।
मतगणना राजस्थान और कॉमर्स कॉलेज परिसर में होने की स्थिति में सुरक्षा कारणों से ट्रैफिक प्रतिबंध का दायरा बजाज नगर मोड़ तक बढ़ाना पड़ सकता था। इसे देखते हुए निर्वाचन शाखा ने वैकल्पिक स्थान चुना है।
जयपुर नगर निगम चुनाव के लिए पोलिंग पार्टियां भी 10 सितंबर को भवानी निकेतन परिसर से रवाना की जाएंगी।
11 सितंबर को मतदान समाप्त होने के बाद सभी मतदान केंद्रों से मतपेटियां वापस भवानी निकेतन परिसर स्थित फार्मेसी कॉलेज में लाई जाएंगी। यहीं उन्हें सुरक्षा व्यवस्था के बीच रखा जाएगा और बाद में मतगणना की प्रक्रिया पूरी होगी।
जयपुर जिले की अन्य नगर पालिकाओं और नगर परिषदों के लिए पोलिंग पार्टियों की रवानगी भी भवानी निकेतन परिसर से होगी।
इनमें 16 नगर पालिकाएं—बगरू, चाकसू, जोबनेर, किशनगढ़-रेनवाल, फुलेरा, सांभर, बस्सी, दूदू, जमवारामगढ़, कालाडेरा, कानोता, खेजरोली, मनोहरपुर, नरायना, फागी और वाटिका शामिल हैं।
इसके अलावा चौमूं और शाहपुरा नगर परिषद के लिए भी पोलिंग पार्टियां यहीं से भेजी जाएंगी।
इन 18 निकायों के लिए पोलिंग पार्टियां 8 सितंबर को दो पारियों में रवाना की जाएंगी। मतदान 9 सितंबर को होगा।
हालांकि इन निकायों की मतगणना भवानी निकेतन में नहीं होगी। इनके वोटों की गिनती संबंधित नगर निकाय मुख्यालयों पर ही कराई जाएगी।
इस बार भवानी निकेतन परिसर जयपुर जिले की चुनावी व्यवस्थाओं का प्रमुख केंद्र रहेगा। यहां से नगर निगम और अन्य निकायों की पोलिंग पार्टियों की रवानगी होगी, जबकि जयपुर नगर निगम की मतपेटियों की सुरक्षित रखवाली और मतगणना भी इसी परिसर में होगी।
प्रशासन का उद्देश्य मतगणना के दौरान ट्रैफिक दबाव कम करना, सुरक्षा व्यवस्था को सुचारू रखना और गणेश चतुर्थी पर आमजन को होने वाली परेशानी से बचाना है।