Sunday, 23 August 2026

अजमेर में ‘अमूल भगाओ-सरस बचाओ’ का शक्ति प्रदर्शन, डोटासरा बोले- दूध बोनस के 400 करोड़ रुपए बकाया


अजमेर में ‘अमूल भगाओ-सरस बचाओ’ का शक्ति प्रदर्शन, डोटासरा बोले- दूध बोनस के 400 करोड़ रुपए बकाया

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अजमेर। राजस्थान में दूध बोनस के बकाया भुगतान और अमूल के विस्तार के विरोध को लेकर रविवार को अजमेर में बड़ा शक्ति प्रदर्शन हुआ। तबीजी फार्म के पास कच्छावा गार्डन में आयोजित ‘सरस सहकार महाकुंभ’ में प्रदेश के 15 जिलों से बड़ी संख्या में किसान, पशुपालक और दुग्ध उत्पादक पहुंचे। मंच से ‘अमूल भगाओ-सरस बचाओ’ का नारा दिया गया और राज्य के सहकारी दुग्ध नेटवर्क सरस को मजबूत करने की मांग उठाई गई।

महाकुंभ में कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने दावा किया कि प्रदेश में दूध और बोनस से जुड़ी करीब 400 करोड़ रुपए की राशि बकाया है। उन्होंने कहा कि इसका सीधा असर पशुपालकों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है।

डोटासरा बोले- किसान आर्थिक संकट में

डोटासरा ने कहा कि किसान और पशुपालक दूध, पशुधन और अनाज बेचकर परिवार की पढ़ाई, इलाज और रोजमर्रा के खर्च पूरे करते हैं। ऐसे में समय पर भुगतान और बोनस नहीं मिलने से उनकी आर्थिक स्थिति प्रभावित होती है।

उन्होंने राज्य सरकार पर किसानों और पशुपालकों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस सरस और सहकारिता व्यवस्था को बचाने की लड़ाई में उनके साथ खड़ी रहेगी।

डोटासरा ने इस दौरान अस्पतालों, सरकारी स्कूलों, खाद और कृषि दवाइयों से जुड़े मुद्दों को भी उठाते हुए सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए।

पंचायती राज से निकाय चुनाव तक सरकार पर निशाना

कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने पंचायत, सहकारिता, छात्रसंघ और नगर निकाय चुनावों को लेकर भी राज्य सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि चुनावों और स्थानीय संस्थाओं से जुड़े मुद्दों पर सरकार की नीति ने कई वर्गों में असंतोष पैदा किया है।

उन्होंने दावा किया कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार में बड़ी संख्या में गरीबों को पट्टे दिए गए थे, जबकि मौजूदा सरकार में कई मामलों में काम अटकने से आम लोगों को परेशानी हो रही है।

अजमेर में ‘अमूल भगाओ-सरस बचाओ’ का शक्ति प्रदर्शन, कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और अजमेर दूध उत्पादक संघ के अध्यक्ष रामचंद्र चौधरी दूध उत्पादन करने वाले किसानों को संबोधित करते हुए
अजमेर में ‘अमूल भगाओ-सरस बचाओ’ का शक्ति प्रदर्शन, कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और अजमेर दूध उत्पादक संघ के अध्यक्ष रामचंद्र चौधरी दूध उत्पादन करने वाले किसानों को संबोधित करते हुए

अमूल के विस्तार के खिलाफ सहकारिता बचाने का मुद्दा

अजमेर डेयरी अध्यक्ष रामचंद्र चौधरी ने मल्टी-स्टेट कोऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन के मॉडल का विरोध किया। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे राज्य की स्वतंत्र सहकारी दुग्ध व्यवस्था कमजोर हो सकती है।

चौधरी ने कहा कि राजस्थान में सरस का बड़ा सहकारी नेटवर्क है, जो सीधे पशुपालकों और दुग्ध समितियों से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था की कीमत पर किसी दूसरे ब्रांड का विस्तार स्वीकार नहीं किया जाएगा।

निर्णय नहीं बदला तो सुप्रीम कोर्ट जाने की चेतावनी

अजमेर डेयरी अध्यक्ष ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने संबंधित निर्णयों पर पुनर्विचार नहीं किया तो मामला सुप्रीम कोर्ट तक ले जाया जा सकता है।

महाकुंभ में यह भी कहा गया कि यदि सरकार ने सरस, दुग्ध उत्पादकों और सहकारी समितियों के हितों को लेकर ठोस कदम नहीं उठाए तो आंदोलन को राजस्थान से आगे बढ़ाकर दिल्ली तक ले जाया जाएगा।

15 जिलों से पहुंचे किसान-पशुपालक

आयोजकों के अनुसार महाकुंभ में प्रदेश के 15 जिलों से हजारों किसान, पशुपालक और दुग्ध उत्पादक शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान सरस को मजबूत करने, दूध बोनस का बकाया जारी करने और स्थानीय सहकारी नेटवर्क को प्राथमिकता देने की मांग प्रमुख रूप से उठाई गई।

सभा में वक्ताओं ने कहा कि सरस केवल एक ब्रांड नहीं, बल्कि राजस्थान के हजारों दुग्ध उत्पादकों और सहकारी समितियों की आजीविका से जुड़ा नेटवर्क है।

सरकार का निर्णय वापस नहीं तो सुप्रीम कोर्ट जाने की चेतावनी

अजमेर डेयरी अध्यक्ष ने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने अपना निर्णय वापस नहीं लिया तो सहकारिता से जुड़े लोग सुप्रीम कोर्ट तक जाएंगे।

चौधरी ने कहा कि सरस केवल एक डेयरी ब्रांड नहीं, बल्कि राजस्थान के लाखों पशुपालकों की आजीविका और सहकारी व्यवस्था से जुड़ा नेटवर्क है।

महाकुंभ में पूर्व आरटीडीसी अध्यक्ष धर्मेंद्र राठौड़, महिला कांग्रेस अध्यक्ष सारिका सिंह, विधायक विकास चौधरी, कई पूर्व विधायक, 15 जिला दुग्ध संघों के प्रतिनिधि और सहकारिता से जुड़े पदाधिकारी मौजूद रहे।

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