



जयपुर। राजस्थान में आगामी नगर निकाय चुनावों को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने तैयारियां तेज कर दी हैं। भाजपा की महत्वपूर्ण बैठक में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़, प्रदेश महामंत्री (संगठन) अजेय कुमार, मंत्री जोगाराम पटेल और प्रदेश महामंत्री श्रवण बगड़ी ने वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव के प्रत्याशियों का मार्गदर्शन किया। बैठक में टिकट वितरण से लेकर सरकार की उपलब्धियों को घर-घर पहुंचाने और जमीनी स्तर पर जनसंवाद मजबूत करने की रणनीति पर चर्चा हुई।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने टिकट वितरण को लेकर पार्टी की प्राथमिकता भी स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि धरातल पर लगातार काम करने वाले, जनता के बीच सक्रिय रहने वाले, साफ-सुथरी छवि और चुनाव जीतने की क्षमता रखने वाले कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता दी जाएगी।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बैठक में सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए दावा किया कि भाजपा सरकार ने पिछले 31 महीनों में राजस्थान में जितने विकास कार्य किए हैं, उतने कांग्रेस अपने पांच साल के शासन में भी नहीं कर पाई।
उन्होंने कहा कि सरकार ने महिलाओं, गरीबों, युवाओं, किसानों सहित समाज के प्रत्येक वर्ग को ध्यान में रखकर निर्णय लिए हैं। कम समय में 35 से अधिक नीतियां लाई गई हैं और शासन में पारदर्शिता तथा जवाबदेही को प्राथमिकता दी गई है।
मुख्यमंत्री ने कार्यकर्ताओं से कहा कि अब सरकार की उपलब्धियों को लेकर पूरी ताकत के साथ जनता के बीच जाना है और लोगों को डबल इंजन सरकार के काम के बारे में बताना है।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने दावा किया कि जल जीवन मिशन के माध्यम से 15 लाख से अधिक घरों तक नल से जल पहुंचाया गया है। प्रदेश की कुल स्थापित विद्युत क्षमता बढ़कर 34,279 मेगावाट हो गई है।
उन्होंने बताया कि सरकार ने 2.3 लाख से अधिक कृषि विद्युत कनेक्शन और 12 लाख से ज्यादा घरेलू विद्युत कनेक्शन उपलब्ध कराए हैं। पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत 2.6 लाख से अधिक रूफटॉप संयंत्र लगाए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में करीब 50 हजार किलोमीटर सड़कों का निर्माण किया गया और 1,758 गांवों को डामर सड़कों से जोड़ा गया है।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रदेश के युवाओं को रोजगार देने की दिशा में सरकार ने तेजी से काम किया है। उन्होंने दावा किया कि करीब 1.89 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी गई है और 1.25 लाख पदों का भर्ती कैलेंडर जारी किया गया है।
उन्होंने कहा कि पेपर लीक के मामलों में सरकार जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है।
राइजिंग राजस्थान का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि 35 लाख करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्तावों में से करीब 9 लाख करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट धरातल पर उतरने की दिशा में आगे बढ़ चुके हैं। सरकार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग और सेमीकंडक्टर जैसे आधुनिक तकनीकी क्षेत्रों में भी राजस्थान को आगे बढ़ाने का प्रयास कर रही है।
बैठक में नगर निकाय चुनाव के टिकट वितरण को लेकर विशेष रूप से चर्चा हुई। पार्टी नेतृत्व ने स्पष्ट किया कि क्षेत्र में लंबे समय से सक्रिय और जनता के बीच स्वीकार्यता रखने वाले कार्यकर्ताओं को महत्व दिया जाएगा।
प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि टिकट के लिए कार्यकर्ता की मेहनत, संगठन के प्रति निष्ठा, साफ-सुथरी छवि, जनता से जुड़ाव और जीतने की क्षमता महत्वपूर्ण आधार होंगे।
इस संकेत के बाद नगर निगम, नगर परिषद और नगर पालिका चुनावों में टिकट की दावेदारी करने वाले नेताओं के लिए पार्टी ने अपनी प्राथमिकताओं की तस्वीर काफी हद तक साफ कर दी है।
प्रदेश महामंत्री (संगठन) अजेय कुमार ने कहा कि आगामी नगर निकाय चुनाव भाजपा के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। चुनाव में सरकार और संगठन बेहतर समन्वय के साथ काम करेंगे।
उन्होंने कार्यकर्ताओं से सरकार के विकास कार्यों और उपलब्धियों को घर-घर तक पहुंचाने का आह्वान किया। अजेय कुमार ने कहा कि भाजपा का लक्ष्य केवल चुनाव जीतना नहीं, बल्कि जनता को जवाबदेह, पारदर्शी और संवेदनशील नगर शासन देना भी है।
प्रदेश महामंत्री (संगठन) अजेय कुमार ने बताया कि स्थानीय स्तर पर विकास कार्यों को गति देने के लिए सरकार ने नगर निगमों को 10 करोड़ रुपए, नगर परिषदों को 3 करोड़ रुपए और नगर पालिकाओं को 1 करोड़ रुपए का फंड उपलब्ध कराया है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत और विकसित राजस्थान का लक्ष्य हासिल करने के लिए प्रदेश के शहरों और नगरों का तेजी से विकास जरूरी है।
भाजपा ने निकाय चुनाव के लिए 'ट्रिपल इंजन' के विकास को भी प्रमुख राजनीतिक संदेश के रूप में सामने रखा है। पार्टी नेताओं ने कहा कि केंद्र और राज्य में भाजपा सरकार के साथ यदि नगर निकायों में भी भाजपा का बोर्ड बनता है तो विकास कार्यों को और तेजी मिलेगी।
बैठक में मौजूद नेताओं और कार्यकर्ताओं ने आगामी नगर निकाय चुनावों में भाजपा को निर्णायक जीत दिलाने का संकल्प लिया। पार्टी अब सरकार की उपलब्धियों, संगठन के नेटवर्क और स्थानीय स्तर पर सक्रिय कार्यकर्ताओं के सहारे चुनाव मैदान में उतरने की तैयारी कर रही है।