



मुख्य सचिव, राज्य निर्वाचन आयुक्त, पंचायतीराज ACS और आयुक्त को लीगल नोटिस, लोढ़ा बोले- तुरंत लॉटरी पूरी नहीं हुई तो अवमानना याचिका दायर करेंगे
जयपुर। राजस्थान में पंचायतीराज संस्थाओं के वार्ड आरक्षण की लॉटरी स्थगित किए जाने का मामला अब हाईकोर्ट पहुंचने की तैयारी में है। कांग्रेस नेता संयम लोढ़ाने सरकार के फैसले को राजस्थान हाईकोर्ट के आदेशों की अवमानना बताते हुए मुख्य सचिव, राज्य निर्वाचन आयुक्त, पंचायतीराज विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव और पंचायतीराज आयुक्त को कंटेम्प्ट के लीगल नोटिस भेजे हैं।
संयम लोढ़ा ने कहा है कि यदि सरकार तत्काल लॉटरी प्रक्रिया पूरी नहीं करती है तो वे राजस्थान हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दायर करेंगे।
संयम लोढ़ा की याचिका पर राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्य सरकार और राज्य निर्वाचन आयोग को नवंबर तक पंचायतीराज चुनाव प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए थे।
लोढ़ा के अनुसार हाईकोर्ट के समक्ष सरकार की ओर से पेश कार्यक्रम में यह बताया गया था कि 15 अगस्त तक अथवा उससे पहले आरक्षण की समस्त लॉटरी प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी और इसके बाद चुनाव कार्यक्रम आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसी कार्यक्रम को ध्यान में रखते हुए हाईकोर्ट ने आदेश पारित किया था।
राजस्थान के 309 शहरी निकायों के प्रमुखों और वार्डों की आरक्षण लॉटरी पूरी हो चुकी है। इसके साथ ही 41 जिला प्रमुखों के आरक्षण की प्रक्रिया भी पूरी कर ली गई।
वहीं प्रधान, पंचायत समिति सदस्य, जिला परिषद सदस्य, सरपंच और वार्ड पंच के आरक्षण की लॉटरी 17 अगस्त को प्रस्तावित थी। लेकिन सरकार ने 16 अगस्त की शाम इस लॉटरी प्रक्रिया को स्थगित कर दिया।
संशोधित कार्यक्रम के अनुसार अब प्रधान, पंचायत समिति सदस्य और जिला परिषद सदस्य के वार्डों की आरक्षण लॉटरी 17 सितंबर को निकाली जाएगी।
वहीं सरपंच और वार्ड पंच के लिए आरक्षण लॉटरी 18 सितंबर को प्रस्तावित की गई हैइस बदलाव के बाद पंचायत चुनाव की समयसीमा और हाईकोर्ट के पूर्व निर्देशों को लेकर राजनीतिक और कानूनी विवाद बढ़ गया है।
संयम लोढ़ा ने कहा कि जब हाईकोर्ट में मामला सुना गया था, तब संबंधित अधिकारी ऑनलाइन मौजूद थे और मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई बैठक का कार्यक्रम अदालत के सामने प्रस्तुत किया गया था।
उन्होंने कहा, “उस कार्यक्रम के आधार पर हाईकोर्ट ने आदेश दिया था कि 15 अगस्त या उससे पहले समस्त लॉटरी प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। अब इस प्रक्रिया को स्थगित करना न्यायालय के आदेश की अवमानना है।”लोढ़ा ने कहा कि इसी आधार पर वे संबंधित अधिकारियों को अवमानना का नोटिस भेज रहे हैं।
कांग्रेस नेता ने चेतावनी दी कि यदि सरकार अब भी आरक्षण लॉटरी तत्काल पूरी नहीं करती है तो वह हाईकोर्ट में औपचारिक अवमानना याचिका दायर करेंगे।इससे पंचायत चुनाव को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच राजनीतिक टकराव और बढ़ने की संभावना है।
शहरी निकायों की वार्ड आरक्षण प्रक्रिया पूरी हो जाने से नगरीय निकाय चुनाव की तैयारी आगे बढ़ चुकी है, जबकि पंचायत चुनावों की आरक्षण प्रक्रिया सितंबर तक टल गई है।
यही अंतर अब विपक्ष के निशाने पर है। कांग्रेस का आरोप है कि सरकार पंचायत चुनाव टालने की कोशिश कर रही है, जबकि सरकार की ओर से अब तक संशोधित समयसारिणी के अनुसार प्रक्रिया आगे बढ़ाने की बात कही गई है।आने वाले दिनों में यह मामला कानूनी रूप से और महत्वपूर्ण हो सकता है, खासकर यदि संयम लोढ़ा हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दाखिल करते हैं।