Friday, 14 August 2026

राजस्थान पंचायत-निकाय चुनाव के लिए भाजपा ने बाहर के नेताओं को सौंपी कमान, हरीश द्विवेदी बने चुनाव प्रभारी


राजस्थान पंचायत-निकाय चुनाव के लिए भाजपा ने बाहर के नेताओं को सौंपी कमान, हरीश द्विवेदी बने चुनाव प्रभारी

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भाजपा राष्ट्रीय नेतृत्व करेगा सीधी मॉनिटरिंग, महाराष्ट्र, दिल्ली और अन्य राज्यों के नेताओं को सह-प्रभारी बनाकर चुनावी रणनीति को धार देने की तैयारी

जयपुर। राजस्थान में आगामी पंचायत और नगर निकाय चुनावों को लेकर भाजपा ने इस बार संगठनात्मक रणनीति में बड़ा बदलाव किया है। पार्टी ने पहली बार राजस्थान के बाहर के नेताओं को प्रदेश के निकाय चुनावों की जिम्मेदारी सौंपी है। राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने चुनाव की गंभीरता को देखते हुए प्रभारी और सह-प्रभारियों की नियुक्ति की है। उत्तर प्रदेश के पूर्व सांसद हरीश द्विवेदी को राजस्थान निकाय चुनावों का प्रभारी बनाया गया है। पार्टी का राष्ट्रीय नेतृत्व भी चुनावी तैयारियों और संगठनात्मक गतिविधियों की लगातार मॉनिटरिंग करेगा।

पांच नेताओं को सह-प्रभारी की जिम्मेदारी

भाजपा ने चुनावी प्रबंधन को मजबूत करने के लिए महाराष्ट्र सरकार के मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले, सांसद गजेंद्र पटेल, संगीता यादव, रोहन गुप्ता और दिल्ली सरकार के मंत्री रविंद्र इंद्राज सिंह को सह-प्रभारी बनाया है। ये सभी नेता राजस्थान में निकाय चुनाव की तैयारियों, संगठनात्मक गतिविधियों और जमीनी स्तर पर चुनावी रणनीति की निगरानी करेंगे।

राष्ट्रीय नेतृत्व की सीधी नजर

प्रभारी और सह-प्रभारियों की नियुक्ति से यह साफ संकेत मिला है कि भाजपा राजस्थान के पंचायत और नगर निकाय चुनावों को केवल स्थानीय स्तर का चुनाव मानकर नहीं चल रही है। राष्ट्रीय नेतृत्व इन चुनावों की सीधी मॉनिटरिंग करेगा और प्रदेश संगठन के साथ मिलकर चुनावी रणनीति तैयार करेगा।

संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने पर जोर

भाजपा का फोकस अब बूथ और वार्ड स्तर पर संगठन को मजबूत करने, सक्रिय कार्यकर्ताओं को जोड़ने और स्थानीय मुद्दों के आधार पर चुनावी रणनीति तैयार करने पर रहेगा। बाहरी राज्यों के अनुभवी नेताओं को जिम्मेदारी देने का उद्देश्य स्थानीय स्तर पर निष्पक्ष आकलन और बेहतर चुनाव प्रबंधन माना जा रहा है।

चुनावी गतिविधियां होंगी तेज

राष्ट्रीय नेतृत्व की ओर से नियुक्तियां होने के बाद प्रदेश में भाजपा की चुनावी गतिविधियां और तेज होने की संभावना है। पार्टी अब उम्मीदवार चयन, संगठनात्मक बैठकों, वार्ड स्तर की रणनीति और स्थानीय समीकरणों पर तेजी से काम कर सकती है।

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