Sunday, 09 August 2026

बेंगलुरु में ‘प्रवासी राजस्थानियों से मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने किया आह्वान—कर्मभूमि से मातृभूमि की विकास यात्रा में निभाएं भागीदारी,डॉ. पूनिया का हुआ सम्मान


बेंगलुरु में ‘प्रवासी राजस्थानियों से मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने किया आह्वान—कर्मभूमि से मातृभूमि की विकास यात्रा में निभाएं भागीदारी,डॉ. पूनिया का हुआ सम्मान

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10 दिसंबर को जयपुर में होगा प्रवासी राजस्थानी दिवस, मुख्यमंत्री ने दिया ‘पधारो म्हारे देस’ का निमंत्रण, कर्नाटक में राजस्थान भवन के लिए प्रयास
बेंगलुरु। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रवासी राजस्थानी अपनी मातृभूमि की मिट्टी की खुशबू के साथ राजस्थान की संस्कृति, परंपरा और ऐतिहासिक गौरव को पूरी दुनिया में प्रतिष्ठित कर रहे हैं। उन्होंने प्रवासी राजस्थानियों से सेवा और सामाजिक सरोकारों के माध्यम से प्रदेश की विकास यात्रा में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और सांसद डॉ सतीश पूनिया का सम्मान किया गया।

मुख्यमंत्री रविवार को बेंगलुरु में आयोजित ‘प्रवासी राजस्थानी संगम’ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रवासी राजस्थानियों ने मातृभूमि के प्रति अपने प्रेम और योगदान की भावना को ‘कर्मभूमि से मातृभूमि’ अभियान के माध्यम से प्रदर्शित किया है। जल संरक्षण सहित विभिन्न सामाजिक सरोकारों में भी प्रवासी समुदाय की महत्वपूर्ण भागीदारी रही है।

संकट के समय प्रवासी राजस्थानियों ने निभाई जिम्मेदारी

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी प्रवासी भारतीय समुदाय को देश का ब्रांड एंबेसडर मानते हैं। पश्चिम एशिया संकट के दौरान सऊदी अरब, दुबई, रियाद और बहरीन में प्रवासी राजस्थानी चैप्टर्स की ओर से भारतीयों की सहायता के लिए किए गए कार्यों की उन्होंने सराहना की।

उन्होंने कहा कि संकट के दौरान लोगों के ठहरने की व्यवस्था से लेकर उनकी सुरक्षित स्वदेश वापसी तक प्रवासी राजस्थानियों ने सहयोग किया। यह राजस्थान की सेवा, संवेदना और सामाजिक उत्तरदायित्व की संस्कृति का जीवंत उदाहरण है।

2030 तक 350 बिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था का लक्ष्य

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राजस्थान तेजी से आर्थिक विकास की राह पर आगे बढ़ रहा है और देश के अग्रणी राज्यों में अपनी जगह बना रहा है। राजस्थान देश की सातवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। राज्य की जीएसडीपी वृद्धि दर 12 प्रतिशत से अधिक है और प्रति व्यक्ति आय दो लाख रुपए से अधिक हो गई है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने राजस्थान की अर्थव्यवस्था को वर्ष 2030 तक 350 बिलियन डॉलर और वर्ष 2047 तक 4.3 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचाने का संकल्प लिया है।

उन्होंने कहा कि राजस्थान इंडस्ट्रियल पार्क प्रमोशन पॉलिसी-2026 के जरिए औद्योगिक क्षेत्रों और पार्कों के सुव्यवस्थित विकास को बढ़ावा दिया जा रहा है। राजस्थान इन्वेस्टमेंट प्रमोशन स्कीम, राजस्थान एमएसएमई पॉलिसी, राजस्थान एक्सपोर्ट प्रमोशन पॉलिसी-2024 और ‘एक जिला-एक उत्पाद’ पॉलिसी के माध्यम से भी उद्योगों और निवेश को प्रोत्साहित किया जा रहा है।

प्रवासी राजस्थानियों से सीधे जुड़ाव के लिए अलग विभाग

मुख्यमंत्री ने कहा, “जो अपनी मिट्टी को याद रखता है, उसकी मिट्टी भी उसे कभी नहीं भूलती।” इसी भावना के साथ राज्य सरकार ने प्रवासी राजस्थानियों से नियमित समन्वय स्थापित करने के लिए ‘डोमेस्टिक एंड ओवरसीज राजस्थानी अफेयर्स’ विभाग का गठन किया है।

सामाजिक क्षेत्र में योगदान देने के इच्छुक प्रवासियों के लिए ‘राजस्थान डेवलपमेंट सपोर्ट पोर्टल’ शुरू किया गया है। इसके अलावा विदेश मंत्रालय के सहयोग से जयपुर में विदेश संपर्क कार्यक्रम आयोजित कर प्रवासी राजस्थानियों की चुनौतियों और उनके समाधान पर भी चर्चा की गई।

बेंगलुरु की टेक्नोलॉजी और राजस्थान की उद्यमशीलता का हो संगम

मुख्यमंत्री ने कहा कि राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट के बाद प्रवासी राजस्थानियों का सहयोग बढ़ा है। बेंगलुरु की टेक्नोलॉजी और राजस्थान की उद्यमशीलता को एक साथ जोड़कर विकास का नया अध्याय लिखा जा सकता है।

उन्होंने कहा कि व्यापार केवल ट्रांजेक्शन तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि ट्रांसफॉर्मेशन का माध्यम बनना चाहिए। प्रवासी राजस्थानी अपने कारोबार को केवल बैलेंस शीट तक सीमित न रखें, बल्कि सेवा और सामाजिक सरोकारों के माध्यम से प्रदेश की समृद्धि में योगदान दें।

10 दिसंबर को जयपुर आने का दिया निमंत्रण

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रवासी राजस्थानियों को 10 दिसंबर 2026 को जयपुर में आयोजित होने वाले ‘प्रवासी राजस्थानी दिवस’ समारोह में शामिल होने का निमंत्रण देते हुए ‘पधारो म्हारे देस’ का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि प्रवासी राजस्थानियों के अनुभव, सुझाव और सहभागिता से प्रदेश की विकास यात्रा को और गति मिलेगी।

कर्नाटक में राजस्थान भवन स्थापित करने की मांग पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रवासी राजस्थानियों को स्थायी सांस्कृतिक, सामाजिक और प्रशासनिक केंद्र उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कर्नाटक सरकार से संपर्क किया गया है और इसके लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।

राजस्थान फाउंडेशन के बेंगलुरु चैप्टर के अध्यक्ष सचिन पांड्या ने कार्यक्रम को व्यापार, विकास और संस्कृति का ऐतिहासिक संगम बताया। उन्होंने कहा कि राजस्थान सरकार की ओर से प्रदेश के बाहर शुरू की गई ई-मित्र सेवा का प्रवासी राजस्थानियों को लाभ मिल रहा है।

कार्यक्रम में सांसद डॉ. सतीश पूनिया, लहर सिंह सिरोया, राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया राहटकर, संगीतकार डॉ. रिकी केज, राजस्थान फाउंडेशन के विभिन्न चैप्टर्स के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में प्रवासी राजस्थानी उपस्थित रहे।

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