Sunday, 09 August 2026

राजस्थान में प्राइवेट बस ऑपरेटर्स का हड़ताल का ऐलान, 10 अगस्त की रात 11:59 बजे से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू,ऑनलाइन बुकिंग बंद


राजस्थान में प्राइवेट बस ऑपरेटर्स का हड़ताल का ऐलान, 10 अगस्त की रात 11:59 बजे से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू,ऑनलाइन बुकिंग बंद

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जयपुर। राजस्थान में प्राइवेट बसों से सफर करने वाले यात्रियों की परेशानी बढ़ सकती है। प्रदेशभर के निजी बस ऑपरेटर्स ने परिवहन विभाग के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए 10 अगस्त की रात 11:59 बजे से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का ऐलान किया है। इसके साथ ही प्राइवेट बसों की ऑनलाइन बुकिंग भी बंद रखने का निर्णय लिया गया है।

बस ऑपरेटर्स का कहना है कि लंबे समय से उनकी मांगों और समस्याओं को लेकर परिवहन विभाग के समक्ष बात रखी जा रही है, लेकिन उचित सुनवाई नहीं होने के कारण उन्हें हड़ताल जैसा कदम उठाना पड़ रहा है।

जयपुर में हुई बैठक में लिया हड़ताल का फैसला

रविवार को जयपुर के एक निजी होटल में प्रदेशभर के प्राइवेट बस ऑपरेटर्स और विभिन्न बस संगठनों की बैठक आयोजित हुई। बैठक में परिवहन विभाग की ओर से की जा रही कार्रवाई और बस ऑपरेटर्स से जुड़ी विभिन्न समस्याओं को लेकर चर्चा हुई।

बैठक के दौरान ऑपरेटर्स ने परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर नाराजगी जताई। इसके बाद सर्वसम्मति से प्रदेशव्यापी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया गया।

रात 11:59 बजे से बसों का संचालन बंद करने का ऐलान

बस ऑपरेटर्स के अनुसार, 10 अगस्त की रात 11:59 बजे से प्रदेशभर में निजी बसों का संचालन अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया जाएगा। हड़ताल समाप्त होने तक ऑनलाइन टिकट बुकिंग भी बंद रखने का फैसला किया गया है।

यदि हड़ताल शुरू होती है और लंबे समय तक जारी रहती है तो जयपुर, जोधपुर, उदयपुर, कोटा, अजमेर, बीकानेर सहित प्रदेश के विभिन्न शहरों के बीच निजी बसों से यात्रा करने वाले यात्रियों पर इसका असर पड़ सकता है। राजस्थान से दूसरे राज्यों के लिए निजी बस सेवाओं से सफर करने वाले यात्रियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

यात्रियों की बढ़ सकती है परेशानी

निजी बसें राजस्थान में बड़ी संख्या में यात्रियों के आवागमन का प्रमुख साधन हैं। ऐसे में प्रदेशव्यापी हड़ताल के कारण अन्य सार्वजनिक परिवहन साधनों पर यात्रियों का दबाव बढ़ सकता है।

बस ऑपरेटर्स का कहना है कि जब तक उनकी समस्याओं और मांगों पर परिवहन विभाग के स्तर पर समाधान नहीं निकलता, तब तक आंदोलन जारी रखने पर विचार किया गया है। अब निगाहें परिवहन विभाग और बस ऑपरेटर्स के बीच होने वाली आगामी बातचीत पर टिकी हैं।

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