



रेप केस में फंसाने की धमकी देकर पांच लाख रुपए की फिरौती मांगने का आरोप; सोडाला पुलिस ने कारोबारी को कोथून-सवाई माधोपुर हाईवे से छुड़ाया
जयपुर। जयपुर पुलिस ने हनीट्रैप के जरिए एक कारोबारी को फंसाकर उसका अपहरण करने और परिजनों से पांच लाख रुपए की फिरौती मांगने के आरोप में एक युवती सहित पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। सोडाला थाना पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है।
पुलिस के अनुसार आरोपियों ने कारोबारी को मिलने और खाटूश्यामजी दर्शन के बहाने बुलाया। इसके बाद उसे रेप के मामले में फंसाने की धमकी देकर बंधक बना लिया और परिजनों से रकम की मांग की।
डीसीपी साउथ राजर्षि राज वर्मा ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में दिनेश बाई उर्फ अनुष्का मीना उर्फ छोटी, अशोक मीना उर्फ डीलर, रजनेश मीना उर्फ लालू, राजेंद्र कुमार मीना उर्फ आशीष मीना और मोनू मीना शामिल हैं।
आरोपी करौली, सवाई माधोपुर और जयपुर के अलग-अलग क्षेत्रों के रहने वाले बताए गए हैं। पुलिस गिरोह के अन्य संभावित सदस्यों और पहले की वारदातों के संबंध में भी पूछताछ कर रही है।
पुलिस के अनुसार 23 जुलाई को सोडाला निवासी एक युवक ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उसने बताया कि उसके पिता 22 जुलाई की रात करीब 10 बजे खाटूश्यामजी दर्शन के लिए जाने की बात कहकर घर से निकले थे।
कुछ समय बाद उसके पिता के मोबाइल फोन से अज्ञात लोगों ने कॉल कर धमकी दी। आरोपियों ने कारोबारी को रेप केस में फंसाने की बात कहते हुए पांच लाख रुपए की मांग की।
रिपोर्ट मिलने के बाद पुलिस ने कारोबारी के मोबाइल की लोकेशन ट्रेस की और संभावित ठिकानों पर दबिश दी।
पुलिस ने 24 जुलाई को कोथून-सवाई माधोपुर हाईवे क्षेत्र से अपहृत कारोबारी को सुरक्षित छुड़ा लिया। इसके बाद तकनीकी साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया गया।
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि गिरोह में शामिल युवती कारोबारी की दुकान पर खरीदारी के बहाने कई बार गई थी। इस दौरान उसने कारोबारी से बातचीत और नजदीकियां बढ़ाईं।
पुलिस का आरोप है कि युवती ने कारोबारी को अपनी बातों में फंसाकर खाटूश्यामजी दर्शन के बहाने साथ चलने के लिए तैयार किया। गिरोह के अन्य सदस्य भी उनके पीछे खाटूश्यामजी पहुंच गए।
पुलिस के अनुसार खाटूश्यामजी पहुंचने के बाद गिरोह के एक सदस्य ने युवती को अपनी पत्नी बताया और कारोबारी पर गंभीर आरोप लगाने की धमकी दी।
इसके बाद आरोपियों ने कारोबारी का अपहरण कर लिया और उसके परिजनों को फोन कर पांच लाख रुपए देने का दबाव बनाया।
पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि गिरोह ने इसी तरीके से अन्य लोगों को भी निशाना बनाया था या नहीं। आरोपियों के मोबाइल फोन, बैंक खातों, कॉल रिकॉर्ड और आपसी संपर्कों की जांच की जा रही है।
मामले में लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद होगी। गिरफ्तारी दोषसिद्धि नहीं है।