



सोडाला से गुर्जर की थड़ी तक स्थायी और अस्थायी कब्जों पर कार्रवाई करेगा जेडीए; साढ़े पांच महीने का समय मांगने की दलील अदालत ने ठुकराई
जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने जयपुर विकास प्राधिकरण को सोडाला से गुर्जर की थड़ी तक न्यू सांगानेर रोड पर हुए स्थायी और अस्थायी अतिक्रमण दो महीने के भीतर हटाने के निर्देश दिए हैं। अदालत ने कार्रवाई पूरी करने के बाद अनुपालना रिपोर्ट पेश करने को भी कहा है।
जस्टिस इंद्रजीत सिंह और जस्टिस संदीप तनेजा की खंडपीठ ने सुरेशचंद रावत एवं अन्य की ओर से दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया।
याचिका में कहा गया कि मास्टर प्लान के अनुसार सोडाला से गुर्जर की थड़ी के बीच न्यू सांगानेर रोड की निर्धारित चौड़ाई 100 फीट है।
याचिकाकर्ताओं ने आरोप लगाया कि सड़क के दोनों ओर बड़े पैमाने पर स्थायी और अस्थायी अतिक्रमण होने के कारण कई स्थानों पर सड़क की उपयोगी चौड़ाई घटकर करीब 20 फीट रह गई है। इससे यातायात व्यवस्था प्रभावित होने और जाम की स्थिति बनने का दावा किया गया।
याचिका में कहा गया कि अतिक्रमण की स्थिति लंबे समय से बनी हुई है, लेकिन जेडीए की ओर से प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।
अदालत के समक्ष सड़क की निर्धारित सीमा, मौजूदा अतिक्रमण और उसे हटाने के लिए प्रस्तावित कार्रवाई का विषय रखा गया।
सुनवाई के दौरान जेडीए की ओर से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई पूरी करने के लिए करीब साढ़े पांच महीने का समय मांगा गया।
हाईकोर्ट ने इस समयावधि को स्वीकार नहीं किया और दो महीने के भीतर अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए। अदालत ने कहा कि निर्धारित अवधि में कार्रवाई पूरी कर रिपोर्ट पेश की जाए।
हाईकोर्ट के आदेश के बाद जेडीए को न्यू सांगानेर रोड की निर्धारित सीमा में आने वाले कब्जों की पहचान करनी होगी। इसके बाद लागू कानूनी प्रक्रिया के तहत नोटिस और अन्य औपचारिकताएं पूरी कर अतिक्रमण हटाए जाएंगे।
किसी निर्माण पर कार्रवाई उसकी स्वीकृति, भूमि रिकॉर्ड, मास्टर प्लान और संबंधित दस्तावेजों की जांच के आधार पर होगी।
सड़क से अतिक्रमण हटने पर सोडाला, श्याम नगर, न्यू सांगानेर रोड और गुर्जर की थड़ी क्षेत्र में यातायात दबाव कम होने की उम्मीद है।
हालांकि कार्रवाई का वास्तविक दायरा, प्रभावित निर्माणों की संख्या और हटाने की कार्ययोजना जेडीए की ओर से तैयार किए जाने वाले सर्वे एवं आधिकारिक कार्रवाई के बाद स्पष्ट होगी।