



कांग्रेस की स्वीकृत सूची में 20 नाम थे, लेकिन गायत्री शांतेगौड़ा ने नहीं ली शपथ, मंत्री पद नहीं मिलने पर दो विधायकों ने जताई नाराजगी
बेंगलुरु। कर्नाटक में मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के नेतृत्व वाली सरकार के करीब दो महीने बाद सोमवार को मंत्रिमंडल का पहला विस्तार हुआ। लोक भवन में आयोजित समारोह में राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने कांग्रेस के 19 विधायकों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। विस्तार के बाद मुख्यमंत्री सहित मंत्रिपरिषद की सदस्य संख्या 33 हो गई है, जबकि संवैधानिक रूप से राज्य में अधिकतम 34 मंत्री हो सकते हैं।
कांग्रेस नेतृत्व ने पहले 20 नामों को स्वीकृति दी थी, लेकिन अंतिम रूप से 19 विधायकों ने ही शपथ ली। चिकमगलूरु से विधान परिषद सदस्य गायत्री शांतेगौड़ा का नाम प्रस्तावित सूची में था, लेकिन वह शपथ ग्रहण समारोह में मंत्री नहीं बनीं। इसके साथ ही शिवकुमार मंत्रिमंडल में फिलहाल कोई महिला मंत्री नहीं होने की स्थिति बनी है।
मंत्रिमंडल विस्तार में पीएम नरेंद्रस्वामी, शिवराज तंगदागी, रुद्रप्पा लमानी, केएस बसवंतप्पा, बी. नागेंद्र, टी. रघुमूर्ति, बीजेड जमीर अहमद खान, रिजवान अरशद, संतोष लाड और मधु बंगारप्पा ने मंत्री पद की शपथ ली।
इनके अतिरिक्त पुत्तरंगशेट्टी, एसएस मल्लिकार्जुन, अजय सिंह, एन. चालुवरायस्वामी, केएम शिवलिंगे गौड़ा, एचसी बालकृष्ण, बसवराज रायरेड्डी, विजयानंद काशप्पनवर और लक्ष्मण सावदी को मंत्रिमंडल में शामिल किया गया। उपलब्ध अंतिम सूची में पूर्व मुख्यमंत्री एस. बंगारप्पा के पुत्र मधु बंगारप्पा का नाम है, न कि कुमार बंगारप्पा का।
नए मंत्रियों में छह ऐसे नेता भी शामिल हैं, जो सिद्धारमैया के नेतृत्व वाली पिछली सरकार में मंत्री रह चुके थे। कांग्रेस नेतृत्व ने मंत्रिमंडल विस्तार में अनुभव के साथ क्षेत्रीय और सामाजिक प्रतिनिधित्व का संतुलन साधने का प्रयास किया है।
नए मंत्रिमंडल में पहली बार मंत्री बनने वाले विधायकों के साथ वरिष्ठ और अनुभवी नेताओं को भी स्थान दिया गया है। मंत्रियों के विभागों का आवंटन अलग आदेश से किए जाने की संभावना है।
शिवकुमार मंत्रिमंडल में अब कर्नाटक के तीन पूर्व मुख्यमंत्रियों के पुत्र शामिल हैं। सिद्धारमैया के पुत्र यतींद्र सिद्धारमैया जून में गठित प्रारंभिक मंत्रिमंडल से ही मंत्री हैं।
विस्तार में पूर्व मुख्यमंत्री एस. बंगारप्पा के पुत्र मधु बंगारप्पा और पूर्व मुख्यमंत्री एन. धर्म सिंह के पुत्र अजय सिंह को भी मंत्री बनाया गया है। यतींद्र उन 13 मंत्रियों में शामिल थे, जिन्होंने 3 जून को मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के साथ शपथ ली थी।
डीके शिवकुमार ने 3 जून को कर्नाटक के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी। उनके साथ जी. परमेश्वर ने उपमुख्यमंत्री और 12 अन्य नेताओं ने मंत्री पद की शपथ ली थी। उस समय मुख्यमंत्री सहित कुल 14 सदस्यीय मंत्रिमंडल बनाया गया था।
सोमवार के विस्तार के बाद सरकार ने लगभग सभी रिक्त मंत्री पद भर दिए हैं। अब मंत्रिपरिषद में केवल एक स्थान खाली रहने की स्थिति है।
कांग्रेस हाईकमान की प्रारंभिक सूची में गायत्री शांतेगौड़ा का नाम शामिल था। अंतिम समय में उनके शपथ नहीं लेने के कारण मंत्रिमंडल में महिला प्रतिनिधित्व नहीं रह गया।
उनके शपथ नहीं लेने की वजह की आधिकारिक जानकारी तत्काल सामने नहीं आई। विभिन्न रिपोर्टों में इसे अंतिम समय में हुआ बदलाव बताया गया है।
मंत्रिमंडल विस्तार में स्थान नहीं मिलने के बाद इंडी से कांग्रेस विधायक यशवंतरायगौड़ा वी. पाटिल और सागर से विधायक बेलूर गोपालकृष्ण ने विधायक पद छोड़ने की घोषणा की। हालांकि उनके इस्तीफों की वैधानिक स्थिति विधानसभा अध्यक्ष द्वारा स्वीकार किए जाने के बाद ही स्पष्ट होगी।
मंत्रिमंडल विस्तार के बाद अन्य वरिष्ठ विधायकों की नाराजगी की खबरें भी सामने आई हैं। कांग्रेस नेतृत्व के सामने अब विभागों के बंटवारे के साथ असंतुष्ट नेताओं को साधने की चुनौती होगी।