



मकान सूचीकरण एवं आवास गणना का प्रथम चरण पूरा, फरवरी 2027 में प्रस्तावित दूसरे चरण के लिए प्रशासनिक और लॉजिस्टिक तैयारी तेज
जयपुर। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने सोमवार को जनगणना कार्य निदेशालय का दौरा कर विभाग की विभिन्न गतिविधियों और जनगणना-2027 से जुड़ी तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने निदेशालय के अधिकारियों के साथ बैठक कर प्रथम चरण के तहत मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना की प्रगति पर चर्चा की।
मुख्य सचिव ने हाउस लिस्टिंग एंड हाउसिंग सेंसस का कार्य सफलतापूर्वक पूरा होने पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि निदेशालय की सांख्यिकीय कार्यप्रणाली और उच्च मानक अन्य विभागों के लिए भी अनुकरणीय हैं।
निदेशालय के अधिकारियों ने बैठक में बताया कि जनगणना का द्वितीय चरण फरवरी 2027 में प्रस्तावित है। इसके लिए प्रशासनिक, तकनीकी और लॉजिस्टिक व्यवस्थाएं तेजी से की जा रही हैं।
मुख्य सचिव ने अधिकारियों से कहा कि दूसरे चरण की तैयारियों में समयबद्धता, डेटा की शुद्धता और डिजिटल व्यवस्थाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।
वी. श्रीनिवास ने कहा कि राष्ट्रीय डेमोग्राफिक चेंज कमेटी के साथ हुई चर्चाओं में सांख्यिकीय आंकड़ों को नियमित रूप से अपडेट करने के महत्व पर जोर दिया गया है। इस समिति में उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्य सचिव दुर्गाशंकर मिश्र भी शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि आर्थिक सर्वेक्षण, कृषि और जनसंख्या से संबंधित सटीक आंकड़े पारदर्शी एवं प्रभावी नीति निर्माण की रीढ़ हैं। विश्वसनीय डेटा के आधार पर ही विकास योजनाओं को वास्तविक जरूरतों के अनुरूप तैयार किया जा सकता है।
मुख्य सचिव ने कहा कि राजस्थान अपनी मजबूत सांख्यिकीय डेटाबेस प्रणालियों और अर्थ एवं सांख्यिकी निदेशालय की नियमित प्रकाशन परंपरा के कारण देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है।
उन्होंने अधिकारियों से इन प्रणालियों को और अधिक आधुनिक, अद्यतन और उपयोगकर्ता अनुकूल बनाने का आह्वान किया।
समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव ने जिला जनगणना हस्तपुस्तिका और प्रशासनिक एटलस को शीघ्र अपडेट करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में जिलों, तहसीलों और कस्बों की संख्या में वृद्धि हुई है। ऐसे में ग्रामीण एवं शहरी विकास योजनाओं की रूपरेखा तैयार करने के लिए अद्यतन प्रशासनिक एवं जनगणना संबंधी दस्तावेज अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
मुख्य सचिव ने कहा कि डिजिटल तकनीक और भू-स्थानिक उपकरणों के बेहतर उपयोग से सरकारी योजनाओं को प्रभावी रूप से धरातल पर उतारने में मदद मिलेगी।
उन्होंने 17 अगस्त से पहले भू-स्थानिक एवं डिजिटल टूल्स के उपयोग पर एक विस्तृत कार्यशाला आयोजित करने के निर्देश दिए। इस कार्यशाला में अधिकारियों और सांख्यिकीय कर्मचारियों को आधुनिक तकनीकों के व्यावहारिक उपयोग का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
वी. श्रीनिवास ने कहा कि जनकल्याण की योजनाओं को सही दिशा देने में सांख्यिकी संवर्ग की भूमिका महत्वपूर्ण है। सटीक और समय पर उपलब्ध आंकड़े सरकार को संसाधनों के बेहतर वितरण तथा योजनाओं की निगरानी में सहायता करते हैं।
दौरे के दौरान मुख्य सचिव ने निदेशालय परिसर में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया।
बैठक में सांख्यिकी विभाग के शासन सचिव डॉ. रवि कुमार सुरपुर, जनगणना कार्य निदेशालय के निदेशक बिष्णु चरण मल्लिक, वरिष्ठ अधिकारी और सांख्यिकीय अन्वेषक उपस्थित रहे।