



करणी सेना की रैली: यूजीसी रोलबैक और सवर्ण समाज की मांगों को लेकर निकाली गई रैली, बैरिकेड्स हटाकर भाजपा कार्यालय की ओर बढ़ने पर बढ़ा तनाव
जयपुर। यूजीसी रोलबैक और सवर्ण समाज से जुड़ी विभिन्न मांगों को लेकर जयपुर में रैली निकाल रहे श्री राजपूत करणी सेना के कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच टकराव हो गया। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया और बाद में लाठीचार्ज कर प्रदर्शनकारियों को पीछे हटाया।
रैली श्री राजपूत करणी सेना के अध्यक्ष महिपाल सिंह मकराना के नेतृत्व में रावण गेट, कालवाड़ रोड से शुरू हुई थी। प्रदर्शनकारियों को कलेक्ट्रेट सर्किल पहुंचकर जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपना था, लेकिन वे निर्धारित मार्ग से आगे बढ़ते हुए भाजपा प्रदेश कार्यालय की ओर जाने लगे।
पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को खासाकोठी पुलिया के नीचे रोक लिया। इससे पहले कालवाड़ पुलिया पर बैरिकेड्स लगाकर रैली को रोकने का प्रयास किया गया था, लेकिन प्रदर्शनकारी बैरिकेड्स हटाकर आगे बढ़ गए।
चौमूं पुलिया के पास भी कार्यकर्ताओं और पुलिसकर्मियों के बीच धक्का-मुक्की हुई। इसी दौरान डीसीपी पश्चिम प्रशांत किरण और कुछ प्रदर्शनकारियों के बीच भी धक्का-मुक्की होने की बात सामने आई।
स्थिति तनावपूर्ण होने पर पुलिस ने वाटर कैनन चलाकर भीड़ को तितर-बितर करने का प्रयास किया। इस दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों ने वाटर कैनन वाहन के पास पहुंचकर उसमें घुसने की कोशिश की।
पुलिस ने लोगों को वाहन से दूर हटाया और आगे बढ़ने से रोका। इसके बाद भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज किया गया।
प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई के दौरान मार्ग पर यातायात प्रभावित हो गया। इसी बीच वहां से गुजर रही एक एंबुलेंस भी रैली में फंस गई।
प्रदर्शनकारियों ने एंबुलेंस को देखकर रास्ता खाली किया, जिसके बाद उसे भीड़ के बीच से सुरक्षित निकाल दिया गया।
करणी सेना ने यूजीसी से जुड़े प्रावधानों को वापस लेने और सवर्ण समाज की विभिन्न मांगों को लेकर रैली आयोजित की थी। प्रदर्शनकारी नारे लगाते हुए कलेक्ट्रेट की ओर बढ़ रहे थे।
पुलिस का कहना था कि रैली को निर्धारित मार्ग और अनुमति की शर्तों के अनुसार चलना चाहिए। दूसरी ओर प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाने के लिए भाजपा कार्यालय की ओर जाने का प्रयास किया।
घटना के बाद क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। पुलिस कार्रवाई में कितने लोग घायल हुए या किसी को हिरासत में लिया गया, इसकी आधिकारिक जानकारी तत्काल उपलब्ध नहीं हो सकी।