



जेडीसीए की तदर्थ समिति में नया सदस्य जोड़ने पर उठे सवाल, सदस्यता और प्रतिनिधित्व की स्थिति स्पष्ट करने की मांग
जयपुर। राजस्थान क्रिकेट संघ में लंबे समय से चल रही तदर्थ व्यवस्था के बाद अब चुनाव की प्रक्रिया आगे बढ़ने की संभावना है, लेकिन जयपुर जिला क्रिकेट संघ में करीब आठ वर्षों से चुनाव नहीं होने का मामला एक बार फिर चर्चा में है।
जानकारी के अनुसार राजस्थान उच्च न्यायालय ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए आरसीए की एडहॉक कमेटी को हटाकर वरिष्ठ आईएएस अधिकारी भास्कर ए. सावंत को प्रशासक नियुक्त किया है। उन्हें तीन महीने के भीतर संघ के चुनाव कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। ऐसे में आरसीए चुनाव का कार्यक्रम जल्द घोषित होने की संभावना जताई जा रही है।
हालांकि इसके समानांतर जयपुर जिला क्रिकेट संघ में चुनाव और तदर्थ समिति के संचालन को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
जयपुर जिला क्रिकेट संघ के पिछले चुनाव वर्ष 2018 में हुए थे। इसके बाद निर्वाचित कार्यकारिणी पर वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगे।
बताया गया है कि रजिस्ट्रार सहकारिता ने 30 जनवरी 2020 को तदर्थ समिति का गठन करते हुए तीन महीने में चुनाव कराने के निर्देश दिए थे। इसके बाद चुनाव प्रक्रिया शुरू हुई, लेकिन मामला न्यायालय में पहुंचने पर चुनाव पर रोक लग गई।
तब से जेडीसीए का संचालन तदर्थ समिति के माध्यम से किया जा रहा है।
अब रजिस्ट्रार की ओर से जेडीसीए की तदर्थ समिति में एक और सदस्य जोड़ने की जानकारी सामने आई है। हीरेन्द्र कौशिक को स्टार क्रिकेट एकेडमी के प्रतिनिधि के रूप में समिति में शामिल किया गया है।
हालांकि यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि कौशिक स्टार क्रिकेट एकेडमी के सदस्य कब बने और किस प्रक्रिया के तहत उन्हें संस्था का प्रतिनिधि मनोनीत किया गया।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार कुछ समय पहले तक स्टार क्रिकेट एकेडमी में विकास सिरोही अध्यक्ष, मोहम्मद असलम सचिव और रेहाना बानो कोषाध्यक्ष के पद पर थे।
ऐसे में क्रिकेट संघ से जुड़े पक्ष यह जानना चाहते हैं कि संस्था की सदस्यता अथवा पदाधिकारी संरचना में कब और क्या बदलाव हुए तथा हीरेन्द्र कौशिक को तदर्थ समिति में शामिल करने का आधार क्या रहा।
इन सवालों पर रजिस्ट्रार सहकारिता, जेडीसीए की तदर्थ समिति अथवा स्टार क्रिकेट एकेडमी का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है।
आरसीए में प्रशासक की नियुक्ति और समयबद्ध चुनाव का निर्देश आने के बाद क्रिकेट से जुड़े लोगों की नजर अब जयपुर जिला क्रिकेट संघ की व्यवस्था पर भी है।
सवाल उठाया जा रहा है कि जब राज्य संघ में निर्वाचित व्यवस्था बहाल करने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं, तब जिला संघ में वर्षों से जारी तदर्थ व्यवस्था को समाप्त कर चुनाव कब कराए जाएंगे।
क्रिकेट से जुड़े कई लोगों का कहना है कि जेडीसीए की मतदाता सूची, संबद्ध क्लबों की सदस्यता, पदाधिकारियों और तदर्थ समिति में किए गए नामांकन का पूरा रिकॉर्ड सार्वजनिक होना चाहिए।
उनका कहना है कि किसी भी चुनाव से पहले क्लबों की पात्रता, प्रतिनिधियों की वैधता और मतदाता सूची की निष्पक्ष जांच जरूरी है, ताकि भविष्य में चुनाव प्रक्रिया दोबारा कानूनी विवाद में न फंसे।
जेडीसीए में चुनाव की समयसीमा और तदर्थ समिति में नए सदस्य की नियुक्ति से जुड़ी स्थिति आधिकारिक आदेश तथा संबंधित पक्षों के स्पष्टीकरण के बाद ही पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।