



जिनेवा से लौटने के बाद बांसवाड़ा में सांसद राजकुमार रोत का पलटवार, बोले—बीएपी छोड़कर कांग्रेस में जाने के दावे को पार्टी खारिज करती है
बांसवाड़ा। बांसवाड़ा-डूंगरपुर सांसद और भारत आदिवासी पार्टी के नेता राजकुमार रोत ने पूर्व मंत्री महेंद्रजीत सिंह मालवीया पर बीएपी का नाम लेकर अपना राजनीतिक प्रभाव बढ़ाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि यदि वास्तव में बीएपी के 309 कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस की सदस्यता ली है तो उनके नामों की पूरी सूची सार्वजनिक की जानी चाहिए।
जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र के आदिवासी अधिकारों से जुड़े मंच में हिस्सा लेने के बाद शनिवार को बांसवाड़ा पहुंचे रोत ने मीडिया से बातचीत में कहा कि जयपुर में हुआ सदस्यता कार्यक्रम बीएपी कार्यकर्ताओं के नाम पर किया गया “हाईप्रोफाइल ड्रामा” था। बीएपी इस दावे का खंडन करती है कि उसके 309 सक्रिय कार्यकर्ता कांग्रेस में शामिल हुए हैं।
रोत ने आरोप लगाया कि महेंद्रजीत सिंह मालवीया पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के सामने बीएपी का नाम लेकर अपनी राजनीतिक स्थिति मजबूत करने का प्रयास कर रहे हैं।
उन्होंने सवाल किया कि कांग्रेस में शामिल होने के लिए जयपुर गए लोगों के साथ कांग्रेस जिलाध्यक्ष और ब्लॉक अध्यक्ष क्यों नहीं थे। रोत ने दावा किया कि सदस्यता ग्रहण करने वालों की सूची में शामिल बताए जा रहे कुछ लोग अब स्वयं बीएपी से जुड़ने की इच्छा जता रहे हैं।
सांसद ने कहा कि केवल किसी कार्यक्रम में लोगों की संख्या बताकर उन्हें बीएपी कार्यकर्ता घोषित नहीं किया जा सकता। कांग्रेस और मालवीया को उन सभी 309 लोगों के नाम, पद और संगठनात्मक जिम्मेदारियां सार्वजनिक करनी चाहिए, जिनके बीएपी छोड़ने का दावा किया गया है।
उन्होंने कहा कि वागड़ की युवा पीढ़ी राजनीतिक घटनाक्रम को समझती है और केवल बड़े कार्यक्रम या दावों के आधार पर भ्रमित नहीं होगी।
महेंद्रजीत सिंह मालवीया ने रोत के आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा कि वह लंबे समय से राजनीति में हैं और उन्हें पता है कि संगठनात्मक राजनीति कैसे की जाती है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस में शामिल होने वाले लोग बीएपी से जुड़े थे और पार्टी की कार्यप्रणाली से असंतुष्ट होकर वापस कांग्रेस में आए हैं।
मालवीया ने यह भी कहा कि संबंधित कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों के नाम जल्द सार्वजनिक किए जाएंगे। दोनों नेताओं के दावे राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप हैं और कार्यकर्ताओं की वास्तविक संगठनात्मक स्थिति सूची तथा संबंधित पक्षों की पुष्टि के बाद ही स्पष्ट होगी।
इससे पहले जयपुर में मालवीया और दिनेश खोड़निया के नेतृत्व में वागड़ क्षेत्र से आए 309 लोगों को कांग्रेस की सदस्यता दिलाने का कार्यक्रम आयोजित किया गया था। कार्यक्रम से पहले कार्यकर्ता अशोक गहलोत के आवास पहुंचे थे, जहां गहलोत के समर्थन में नारेबाजी भी हुई थी।
इस घटनाक्रम के बाद कांग्रेस के भीतर व्यक्तिगत ब्रांडिंग और संगठन को प्राथमिकता देने को लेकर भी राजनीतिक बहस शुरू हो गई थी। अब बीएपी ने कार्यकर्ताओं के पार्टी छोड़ने के मूल दावे को ही चुनौती दे दी है।