



2008 में निर्दलीय चुनाव जीतकर बने थे विधायक, अशोक गहलोत सरकार में संसदीय सचिव की जिम्मेदारी भी संभाली
अजमेर। मसूदा विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ब्रह्मदेव कुमावत का सोमवार को दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें बांदनवाड़ा स्थित निवास से उपचार के लिए अस्पताल ले जाया जा रहा था। नसीराबाद में प्राथमिक उपचार के बाद अजमेर के जेएलएन अस्पताल रेफर किए जाने के दौरान रास्ते में उन्होंने दम तोड़ दिया। उनके निधन की सूचना मिलते ही मसूदा, भिनाय और बांदनवाड़ा सहित पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।
निधन की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में समर्थक, कांग्रेस कार्यकर्ता, स्थानीय जनप्रतिनिधि और क्षेत्रवासी उनके बांदनवाड़ा स्थित निवास पर पहुंचने लगे। ब्रह्मदेव कुमावत लंबे समय तक अजमेर जिले की राजनीति में सक्रिय रहे और स्थानीय स्तर पर उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती थी।
ब्रह्मदेव कुमावत ने वर्ष 2008 के राजस्थान विधानसभा चुनाव में मसूदा सीट से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में जीत हासिल की थी। उन्होंने 41,973 मत प्राप्त कर अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी को 7,655 मतों से हराया था। चुनाव जीतने के बाद उन्होंने तत्कालीन अशोक गहलोत सरकार को समर्थन दिया।
वे वर्ष 2008 से 2013 तक तेरहवीं राजस्थान विधानसभा के सदस्य रहे। मार्च 2009 से दिसंबर 2013 तक उन्होंने राजस्थान सरकार में संसदीय सचिव के रूप में कार्य किया और ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग से संबंधित जिम्मेदारियां संभालीं।
वर्ष 2013 के विधानसभा चुनाव में वे भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रत्याशी के रूप में मसूदा सीट से चुनाव मैदान में उतरे थे। उनके चुनावी हलफनामे में भी उनकी पार्टी कांग्रेस और विधानसभा क्षेत्र मसूदा दर्ज था।
ब्रह्मदेव कुमावत ने स्थानीय स्तर से अपना राजनीतिक जीवन शुरू किया था। वर्ष 1992 में वे भिनाय युवक कांग्रेस में सचिव और संयुक्त सचिव रहे। वर्ष 1994 में उन्हें कांग्रेस का भिनाय ब्लॉक अध्यक्ष बनाया गया। इसके बाद वे अजमेर जिला कांग्रेस कमेटी के कोषाध्यक्ष और राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सदस्य भी रहे।
वे वर्ष 1995 से 2000 तक भिनाय पंचायत समिति के सदस्य और वर्ष 2004 से 2008 तक पंचायत समिति में नेता प्रतिपक्ष रहे। राजनीति के साथ उनका व्यापार और कृषि क्षेत्र से भी जुड़ाव रहा। उनका जन्म 30 नवंबर 1959 को अजमेर जिले के बांदनवाड़ा गांव में हुआ था।
ब्रह्मदेव कुमावत अपने पीछे चार पुत्रों और परिवार को छोड़ गए हैं। उनकी पत्नी मुन्नी देवी कुमावत का पहले ही निधन हो चुका था।
उनके निधन से कांग्रेस संगठन के साथ मसूदा विधानसभा क्षेत्र ने एक अनुभवी और जमीनी नेता खो दिया है। स्थानीय लोग उन्हें क्षेत्र की समस्याओं के समाधान और आमजन से सीधे संवाद के लिए याद कर रहे हैं।