Sunday, 26 July 2026

IOCL पाइपलाइन में सेंध लगाने वाला अंतरराज्यीय गिरोह पकड़ा, 6 राज्यों के 12 आरोपी गिरफ्तार


IOCL पाइपलाइन में सेंध लगाने वाला अंतरराज्यीय गिरोह पकड़ा, 6 राज्यों के 12 आरोपी गिरफ्तार

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टोंक में 20 हजार लीटर क्रूड ऑयल चुराने की थी तैयारी; गिरोह ने अजमेर के मोतीपुरा और देवरा में भी वारदात करना स्वीकारा

मालपुरा-टोंक। इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड की सलाया-मथुरा क्रूड ऑयल पाइपलाइन में सेंध लगाने के मामले की जांच में राजस्थान में सक्रिय अंतरराज्यीय पाइपलाइन टैपिंग गिरोह का खुलासा हुआ है। टोंक पुलिस ने छह राज्यों से जुड़े गिरोह के कथित सरगना सहित 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी पचेवर क्षेत्र से करीब 20 हजार लीटर कच्चा तेल चोरी करने की तैयारी में थे।

पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने अजमेर जिले के मोतीपुरा और देवरा क्षेत्र में भी इसी तरीके से पाइपलाइन में सेंध लगाकर तेल चोरी करने की वारदात स्वीकार की है। पुलिस अब राजस्थान सहित अन्य राज्यों में दर्ज पाइपलाइन टैपिंग और तेल चोरी के मामलों से गिरोह के संबंधों की जांच कर रही है।

खेत में खुदाई कर पाइपलाइन से जोड़ा अवैध कनेक्शन

मामले का खुलासा 8 जुलाई को लड़ी गांव के पास पाइपलाइन के निरीक्षण के दौरान हुआ। अधिकारियों को मुख्य भूमिगत पाइपलाइन से करीब 30 फीट लंबी अतिरिक्त पाइप और विशेष वाल्व जुड़ा मिला।

जांच में सामने आया कि आरोपियों ने खेत में करीब 40 फीट तक खुदाई की थी। इसके बाद ड्रिल मशीन की सहायता से मुख्य क्रूड ऑयल पाइपलाइन में छेद कर विशेष वाल्व लगाया गया और तेल निकालने के लिए अतिरिक्त पाइप जोड़ दी गई। पाइपलाइन के प्रेशर में असामान्य कमी आने के बाद निरीक्षण किया गया था, जिससे अवैध कनेक्शन का पता चला।

तीन दिन के पुलिस रिमांड पर आरोपी

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पुष्पेंद्र सिंह के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों को शनिवार को अदालत में पेश किया गया। अदालत ने आरोपियों को तीन दिन के पुलिस रिमांड पर सौंपा है। पुलिस उनसे गिरोह के नेटवर्क, चोरी किए गए तेल के खरीदारों, परिवहन व्यवस्था और अन्य सहयोगियों के बारे में पूछताछ कर रही है।

पुलिस के अनुसार, गिरोह का कथित सरगना 60 वर्षीय मुनेश कुमार उर्फ फौजी है, जो मेरठ का रहने वाला है। प्रारंभिक जांच में उसके देश के विभिन्न हिस्सों में पाइपलाइन टैपिंग और तेल चोरी की दो दर्जन से अधिक वारदातों में शामिल होने की जानकारी सामने आई है।

छह राज्यों से जुड़े आरोपी

गिरफ्तार आरोपियों में कथित सरगना मुनेश कुमार उर्फ फौजी के अतिरिक्त पंजाब का सतनाम सिंह, गुजरात का अजय सिंह वाघेला, हरियाणा के राजेश कुमार और अनीश कुमार तथा मध्य प्रदेश के धर्मेंद्र और जाकिर हुसैन शामिल हैं।

राजस्थान से ब्यावर के मोहनलाल गुर्जर और गोपाल गुर्जर, अजमेर के नाथूराम गुर्जर तथा पचेवर क्षेत्र के शंकरलाल गुर्जर और प्रभुलाल बैरवा को गिरफ्तार किया गया है। इस प्रकार पुलिस ने कुल 12 आरोपियों को पकड़ा है।

पहले कई दिनों तक करते थे रेकी

पुलिस के अनुसार, गिरोह पाइपलाइन वाले क्षेत्र की कई दिनों तक रेकी करता था। सुनसान खेत और वाहनों की आसान आवाजाही वाले स्थान की पहचान करने के बाद रात के समय खुदाई की जाती थी।

तकनीकी जानकारी रखने वाले सदस्य पाइपलाइन में ड्रिल कर वाल्व लगाते थे। इसके बाद अतिरिक्त पाइप के माध्यम से क्रूड ऑयल को टैंकर या अन्य बड़े वाहन में भरकर ले जाने की तैयारी की जाती थी। पुलिस चोरी के तेल को खरीदने वाले लोगों और संभावित औद्योगिक ठिकानों की भी जानकारी जुटा रही है।

पाइपलाइन की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल

कई फीट तक खुदाई और मुख्य पाइपलाइन में ड्रिलिंग किए जाने के बावजूद समय रहते गतिविधि का पता नहीं चलने से पाइपलाइन की निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठे हैं। कंपनी की ओर से पाइपलाइन मार्ग की पैदल और मोटरसाइकिल से नियमित निगरानी किए जाने की बात कही गई है।

इंडियन ऑयल के आधिकारिक विवरण के अनुसार, सलाया-मथुरा पाइपलाइन देश की महत्वपूर्ण क्रूड ऑयल पाइपलाइन प्रणालियों में शामिल है और उत्तर भारत की रिफाइनरियों तक कच्चे तेल की आपूर्ति में उपयोग होती है।

पुलिस अब आरोपियों के बैंक खातों, मोबाइल कॉल रिकॉर्ड, वाहनों और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही गिरोह के नेटवर्क और तेल चोरी की वारदातों की वास्तविक संख्या स्पष्ट हो सकेगी।

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