Thursday, 23 July 2026

राजस्थान के प्रमुख आस्था धामों को मिलेगा भव्य स्वरूप, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने निविदा प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने के दिए निर्देश


राजस्थान के प्रमुख आस्था धामों को मिलेगा भव्य स्वरूप, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने निविदा प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने के दिए निर्देश

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जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रदेश के प्रमुख धार्मिक स्थलों को भव्य स्वरूप देने और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए विकास कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि निर्माणाधीन परियोजनाओं को निर्धारित समय में पूरा किया जाए तथा नए कार्यों की निविदा प्रक्रिया शीघ्र पूरी कर श्रद्धालुओं के लिए सभी आवश्यक मूलभूत सुविधाएं विकसित की जाएं।

मुख्यमंत्री ने गुरुवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में राजस्थान धरोहर प्राधिकरण की बैठक की अध्यक्षता करते हुए प्रदेश के प्रमुख आस्था धामों, धार्मिक स्थलों और पैनोरमाओं से जुड़े विकास कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि राजस्थान के मंदिर, तीर्थस्थल और ऐतिहासिक पैनोरमा प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान एवं गौरवशाली विरासत के महत्वपूर्ण केंद्र हैं। इनके विकास और संरक्षण में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होना चाहिए।

ब्रह्मा मंदिर कॉरिडोर और पुष्कर सरोवर के विकास में तेजी लाने के निर्देश

मुख्यमंत्री ने राजस्थान धरोहर प्राधिकरण और अजमेर विकास प्राधिकरण को आपसी समन्वय के साथ ब्रह्मा मंदिर कॉरिडोर, पुष्कर सरोवर परिक्रमा मार्ग तथा घाटों से संबंधित विकास कार्यों को गुणवत्ता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि पुष्कर आने वाले देश-विदेश के श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए सुगम आवागमन, स्वच्छता, पेयजल, प्रकाश, विश्राम स्थल और अन्य आवश्यक सुविधाएं विकसित की जाएं। कार्यों की नियमित निगरानी करते हुए उनकी समयबद्ध प्रगति सुनिश्चित की जाए।

तनोट माता मंदिर के पहले चरण के कार्य शीघ्र शुरू हों

मुख्यमंत्री ने देवस्थान विभाग को तनोट माता मंदिर से संबंधित प्रथम चरण के विकास कार्य शीघ्र प्रारंभ करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्र में स्थित तनोट माता मंदिर श्रद्धा और राष्ट्रीय गौरव का प्रमुख केंद्र है। यहां आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए सुविधाओं का विस्तार योजनाबद्ध तरीके से किया जाना आवश्यक है।

पूंछरी का लौठा में श्रद्धालुओं के लिए हों पर्याप्त व्यवस्थाएं

मुख्यमंत्री ने पूंछरी का लौठा में चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए उनमें तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने डीग जिला कलक्टर से कहा कि गुरु पूर्णिमा मेले की सभी तैयारियां समय रहते पूरी कर ली जाएं।

उन्होंने परिक्रमा मार्ग पर श्रद्धालुओं के लिए पर्याप्त विश्राम स्थल, बिजली, पेयजल, स्वच्छता और चिकित्सा सहायता सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मेले और परिक्रमा के दौरान श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए।

खाटूश्यामजी में सौंदर्यीकरण और सड़कों के विकास पर जोर

मुख्यमंत्री ने खाटूश्यामजी मंदिर और आसपास के क्षेत्र में प्राथमिकता के आधार पर सौंदर्यीकरण एवं विकास कार्य कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए यातायात व्यवस्था और सड़क नेटवर्क को भी सुदृढ़ करना आवश्यक है।

उन्होंने वाहनों और श्रद्धालुओं के सुगम आवागमन के लिए सड़कों के निर्माण एवं विस्तार की विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने को कहा। मुख्य सचिव को खाटूश्यामजी सहित सभी प्रमुख धार्मिक स्थलों पर चल रहे विकास कार्यों की नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए गए।

बेणेश्वर धाम में बनेंगे स्टैच्यू, धर्मशाला और रसोईघर

मुख्यमंत्री ने बेणेश्वर धाम में प्रस्तावित स्टैच्यू, धर्मशाला और रसोईघर के निर्माण के साथ घाटों के विकास कार्यों को गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि बेणेश्वर धाम आदिवासी समाज की आस्था और सांस्कृतिक पहचान का प्रमुख केंद्र है। यहां आने वाले श्रद्धालुओं के ठहरने, भोजन, स्नान, स्वच्छता और सुरक्षित आवागमन के लिए समुचित व्यवस्थाएं विकसित की जाएं।

रामदेवरा मेले के लिए आश्रय स्थलों की व्यवस्था हो

मुख्यमंत्री ने रामदेवरा मेले की तैयारियों का फीडबैक लेते हुए जैसलमेर जिला कलक्टर को श्रद्धालुओं के लिए आश्रय स्थल सहित सभी आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि मेले में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पैदल यात्रा कर पहुंचते हैं। ऐसे में सभी प्रमुख पदयात्रा मार्गों पर पेयजल, विश्राम स्थल, चिकित्सा सुविधा, स्वच्छता और सुरक्षा की पर्याप्त व्यवस्था की जाए। संबंधित विभाग आपसी समन्वय से कार्य करते हुए श्रद्धालुओं की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें।

पैनोरमाओं के संरक्षण और रखरखाव के लिए उठाएं ठोस कदम

मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी पैनोरमाओं के संरक्षण और उचित रखरखाव के लिए ठोस कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पैनोरमा राजस्थान के महापुरुषों, लोकदेवताओं, संतों, स्वतंत्रता सेनानियों और ऐतिहासिक घटनाओं से नई पीढ़ी को परिचित कराने का प्रभावी माध्यम हैं।

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि पैनोरमाओं की मरम्मत, साफ-सफाई, सुरक्षा, प्रकाश व्यवस्था और नियमित रखरखाव सुनिश्चित किया जाए। स्कूलों के विद्यार्थियों को पैनोरमा का भ्रमण करवाकर उन्हें राजस्थान के गौरवशाली इतिहास, संस्कृति और विरासत की जानकारी दी जाए।

धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध राज्य सरकार

मुख्यमंत्री ने देवस्थानों से जुड़ी बजट घोषणाओं को प्राथमिकता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार राजस्थान के प्रमुख मंदिरों और आस्था स्थलों को भव्य स्वरूप प्रदान करने के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है।

उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थलों के विकास से श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार, व्यापार और पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। सभी परियोजनाओं में राजस्थान की स्थापत्य कला, संस्कृति और धार्मिक महत्त्व का विशेष ध्यान रखा जाए।

बैठक में राजस्थान धरोहर प्राधिकरण के अध्यक्ष ओंकार सिंह लखावत, मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास तथा जल संसाधन, मुख्यमंत्री कार्यालय, वित्त, स्वायत्त शासन और देवस्थान विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। नगरीय विकास विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और संबंधित जिलों के कलक्टर वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से बैठक से जुड़े।

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