Tuesday, 21 July 2026

सिक्किम की निर्माणाधीन सुरंग में भूस्खलन, कम से कम 8 लोगों की मौत; करीब 20 अब भी फंसे


सिक्किम की निर्माणाधीन सुरंग में भूस्खलन, कम से कम 8 लोगों की मौत; करीब 20 अब भी फंसे

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तीस्ता स्टेज-6 जलविद्युत परियोजना की सुरंग में जहरीली गैस की आशंका से रेस्क्यू प्रभावित, एनडीआरएफ सहित कई एजेंसियां अभियान में जुटीं

सिक्किम। नामची जिले में निर्माणाधीन सुरंग के प्रवेश द्वार पर भूस्खलन होने से बड़ा हादसा हो गया। समरदुंग के पास तीस्ता स्टेज-6 जलविद्युत परियोजना की सुरंग में फंसे लोगों में से कम से कम आठ की मौत हो चुकी है, जबकि करीब 18 से 20 कर्मचारी और श्रमिक अब भी अंदर फंसे होने की आशंका है। बचाव टीमों ने 12 लोगों को बाहर निकाला है। सुरंग के भीतर मौजूद लोगों की वास्तविक संख्या अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है।

प्रारंभिक जानकारी में करीब 27 लोगों के सुरंग में फंसने की आशंका जताई गई थी। अधिकारियों का कहना है कि यह संख्या कम या अधिक हो सकती है, क्योंकि दुर्घटना के समय सुरंग के भीतर एनएचपीसी और परियोजना का निर्माण कर रही पटेल इंजीनियरिंग के कर्मचारी, अधिकारी तथा श्रमिक मौजूद थे। मृतकों और फंसे लोगों की संख्या से संबंधित सूचनाएं रेस्क्यू अभियान आगे बढ़ने के साथ लगातार अपडेट हो रही हैं।

भूस्खलन से बंद हुआ सुरंग का प्रवेश मार्ग

हादसा सोमवार दोपहर नामची जिले के मामरिंग क्षेत्र स्थित समरदुंग सुरंग में हुआ। करीब सात किलोमीटर लंबी यह निर्माणाधीन सुरंग तीस्ता स्टेज-6 जलविद्युत परियोजना का हिस्सा है। भूस्खलन के बाद सुरंग का प्रवेश मार्ग मलबे से बंद हो गया और अंदर मौजूद लोग बाहर नहीं निकल सके। फंसे लोगों में से कई सुरंग के भीतर करीब तीन किलोमीटर की दूरी पर बताए जा रहे हैं।

जिला प्रशासन को दोपहर में घटना की सूचना मिली, जिसके बाद राष्ट्रीय आपदा मोचन बल, राज्य आपदा मोचन बल, सिक्किम पुलिस, अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाओं तथा स्वास्थ्य विभाग की टीमों को मौके पर भेजा गया। घटनास्थल पर एम्बुलेंस और आवश्यक चिकित्सा व्यवस्थाएं तैयार रखी गई हैं।

जहरीली गैस से रेस्क्यू अभियान में बाधा

सुरंग के भीतर जहरीली गैस, संभवतः मीथेन, के रिसाव की आशंका ने बचाव अभियान को और कठिन बना दिया है। अंदर जाने का प्रयास करने वाले कुछ बचावकर्मियों को चक्कर आने और बेहोश होने की शिकायत हुई। इसके बाद गैस मास्क और अन्य सुरक्षा उपकरणों के साथ प्रशिक्षित टीमों को सुरंग में भेजा जा रहा है।

अधिकारियों के अनुसार, गैस का स्तर अधिक होने के कारण बचावकर्मी सीधे उस स्थान तक नहीं पहुंच पा रहे हैं, जहां श्रमिकों के फंसे होने की संभावना है। पश्चिम बंगाल से भी गैस-रोधी उपकरणों से लैस विशेष टीम को अभियान में सहायता के लिए बुलाया गया है। लगातार बारिश से जमीन अस्थिर होने के कारण भी बचाव कार्य की गति प्रभावित हो रही है।

पटेल इंजीनियरिंग कर रही है सुरंग का निर्माण

यह सुरंग एनएचपीसी की तीस्ता स्टेज-6 जलविद्युत परियोजना के लिए बनाई जा रही है। इसके संबंधित हिस्से का निर्माण पटेल इंजीनियरिंग कंपनी कर रही है। हादसे के समय कंपनी और एनएचपीसी के कर्मचारी कथित रूप से नियमित निरीक्षण एवं निर्माण कार्य के लिए सुरंग के अंदर मौजूद थे।

घटना का वास्तविक कारण अभी निर्धारित नहीं हुआ है। प्रारंभिक सूचनाओं में भूस्खलन से प्रवेश द्वार बंद होने और गैस रिसाव की बात सामने आई है। कुछ रिपोर्टों में गैस जमा होने अथवा विस्फोट की आशंका भी जताई गई है, लेकिन इसकी अंतिम पुष्टि तकनीकी जांच के बाद ही होगी।

मुख्यमंत्री ने बचाव अभियान तेज करने के दिए निर्देश

सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने दुर्घटना पर शोक व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों को सभी उपलब्ध संसाधनों का उपयोग कर बचाव अभियान तेज करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने रेस्क्यू में शामिल कर्मचारियों की सुरक्षा के उच्चतम मानकों का पालन करने और प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने को कहा है।

मुख्यमंत्री ने लोगों से अपुष्ट सूचनाएं और अफवाहें साझा नहीं करने की अपील भी की है। प्रशासन का कहना है कि सुरंग के भीतर की वास्तविक स्थिति तथा फंसे हुए लोगों की संख्या बचाव दल के आगे पहुंचने के बाद ही पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।

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