



‘युवा सुयोग’, वार्ड और पंचायत स्तर पर होंगी खेल प्रतियोगिताएं: क्रिकेट, वॉलीबॉल, कबड्डी और फुटबॉल में प्रतिभा दिखाएंगे युवा, विजेता टीमें विधानसभा क्षेत्र स्तर पर लेंगी भाग
जयपुर। प्रदेश के युवाओं को खेलों से जोड़ने और स्थानीय स्तर पर प्रतिभाओं को मंच उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मंगलवार को मुख्यमंत्री निवास पर ‘युवा सुयोग’ कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कार्यक्रम के अंतर्गत शहरी क्षेत्रों में वार्ड और ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम पंचायत स्तर पर विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा।
‘युवा सुयोग’ के तहत क्रिकेट, वॉलीबॉल, कबड्डी और फुटबॉल जैसे लोकप्रिय खेलों की प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी। इनमें भाग लेने के इच्छुक युवाओं को युवा सुयोग डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अपना पंजीकरण कराना होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं पर नीतियां थोपने के बजाय उनकी प्रतिभा, रुचि और खेल प्रदर्शन के आधार पर खेल नीतियां तैयार करेगी। उन्होंने कहा कि युवाओं की ऊर्जा को सकारात्मक दिशा देकर उसे प्रदेश के विकास और सामर्थ्य से जोड़ना सरकार की प्राथमिकता है।
कार्यक्रम के अनुसार शहरों में वार्ड स्तर और गांवों में पंचायत स्तर पर खेल प्रतियोगिताएं कराई जाएंगी। स्थानीय स्तर पर विजेता रहने वाली टीमों को विधानसभा क्षेत्र स्तर पर खेलने का अवसर मिलेगा।
इस व्यवस्था से छोटे शहरों, कस्बों और ग्रामीण क्षेत्रों की खेल प्रतिभाओं को आगे आने का अवसर मिलेगा। बेहतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को उच्च स्तर की प्रतियोगिताओं तक पहुंचाने के लिए भी मंच उपलब्ध कराया जाएगा।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रदेश के युवाओं की शक्ति को सामर्थ्य में बदलने के लिए ‘युवा सुयोग’ प्लेटफॉर्म सही अवसर और उचित मंच उपलब्ध कराएगा। इसके माध्यम से युवाओं में खेल भावना, अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और टीम भावना का विकास होगा।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में अनेक प्रतिभाशाली खिलाड़ी संसाधनों और अवसरों के अभाव में अपनी क्षमता का प्रदर्शन नहीं कर पाते। स्थानीय स्तर पर नियमित प्रतियोगिताओं के आयोजन से ऐसी प्रतिभाओं की पहचान संभव होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार युवाओं की आवश्यकताओं और खेलों में उनकी भागीदारी का अध्ययन करते हुए भविष्य की योजनाएं तैयार करेगी। प्रतियोगिताओं से प्राप्त आंकड़ों और खिलाड़ियों के प्रदर्शन के आधार पर खेल सुविधाओं, प्रशिक्षण तथा आधारभूत ढांचे के विस्तार की दिशा तय की जाएगी।
कार्यक्रम को युवाओं से सीधा संवाद स्थापित करने और खेलों के माध्यम से उन्हें सक्रिय भागीदारी के अवसर उपलब्ध कराने की महत्त्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
