



कोटा। रामगंजमंडी थाना पुलिस ने अंतरराज्यीय ‘लुटेरी दुल्हन’ गिरोह का खुलासा करते हुए आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, यह गिरोह राजस्थान, मध्य प्रदेश, झारखंड और बिहार तक सक्रिय था तथा अविवाहित एवं उम्रदराज युवकों को शादी का झांसा देकर ठगी का शिकार बनाता था।
कोटा जिला पुलिस अधीक्षक सुजीत शंकर ने शनिवार को मामले का खुलासा करते हुए बताया कि गिरोह के दलाल पहले युवकों को महिलाओं की तस्वीरें दिखाते थे। इसके बाद झारखंड सहित अन्य राज्यों से महिलाओं को बुलाकर मंदिर में शादी करवाई जाती थी। आरोप है कि शादी के नाम पर पीड़ितों से एक से दो लाख रुपये तक लिए जाते थे।
पुलिस के अनुसार, मंदिर में शादी के बाद महिलाएं एक या दो दिन तक पीड़ित के घर रहती थीं। इसके बाद वे माता-पिता की बीमारी या किसी पारिवारिक आपात स्थिति का बहाना बनाकर वहां से चली जाती थीं।
आरोप है कि जाते समय महिलाएं नकदी, गहने और अन्य कीमती सामान भी साथ ले जाती थीं। जांच में यह भी सामने आया कि जिन महिलाओं की शादी करवाई जाती थी, उनमें से कई पहले से विवाहित थीं।
गिरोह के सदस्य ऐसे युवकों की तलाश करते थे, जिनकी शादी नहीं हो रही थी या जिनकी उम्र अधिक हो चुकी थी। दलाल उन्हें जल्द शादी कराने का भरोसा देते और कथित दुल्हनों की तस्वीरें दिखाते थे।
इसके बाद परिवार को विश्वास में लेकर मंदिर में विवाह की औपचारिकता पूरी करवाई जाती थी। पुलिस का दावा है कि इस दौरान गिरोह के सदस्य स्वयं को दुल्हन के परिजन या रिश्तेदार बताकर शामिल होते थे।
एसपी सुजीत शंकर ने बताया कि इस गिरोह के खिलाफ पहली शिकायत 13 जुलाई को सांडपुरा निवासी दिनेश कुमार ने दर्ज कराई थी। शिकायत में उन्होंने आरोप लगाया कि नकली शादी करवाकर उनसे बड़ी रकम ठगी गई। इसके बाद 16 जुलाई को हिरियाखेड़ी निवासी दिलीप सिंह ने भी इसी तरह की शिकायत दर्ज कराई। दोनों मामलों में समान तरीका सामने आने के बाद पुलिस ने विशेष टीम गठित कर जांच शुरू की।
दोनों शिकायतों की जांच के दौरान पुलिस को एक संगठित गिरोह की भूमिका का पता चला। इसके बाद तकनीकी जानकारी, पूछताछ और अन्य साक्ष्यों के आधार पर जाल बिछाकर आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि गिरोह में कितने दलाल, महिलाएं और अन्य सहयोगी शामिल हैं तथा अब तक कितने लोगों को ठगी का शिकार बनाया गया।
पुलिस जांच में गिरोह द्वारा पहले भी कई लोगों से शादी के नाम पर रकम लेने की जानकारी सामने आई है। पुलिस के अनुसार, गिरोह की सदस्य पूजा ने मध्य प्रदेश के मोड़ी हरिपुरा निवासी सुरेश पाटीदार से एक लाख रुपये लिए थे।
इसी प्रकार अंजलि पर झालावाड़ के दीपक मीणा से एक लाख रुपये, शिवानी पर असनावर के टिंकू सिंह से 1.10 लाख रुपये और पिंकी पर अकलेरा के सत्यनारायण से 1.50 लाख रुपये लेने का आरोप है। सुनीता मुखर्जी पर बूंदी के डाबी निवासी धनराज से शादी के नाम पर 1.10 लाख रुपये हड़पने का आरोप भी सामने आया है। इन सभी दावों की पुलिस जांच कर रही है।
पुलिस को आशंका है कि गिरोह ने राजस्थान के अलावा मध्य प्रदेश, झारखंड और बिहार में भी कई लोगों को निशाना बनाया है। गिरफ्तार आरोपियों से उनके संपर्कों, बैंक खातों, मोबाइल रिकॉर्ड और पूर्व गतिविधियों के संबंध में पूछताछ की जा रही है। जांच में अन्य पीड़ितों और आरोपियों के नाम सामने आने पर और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश और अन्य संबंधित धाराओं में कार्रवाई शुरू की है। जब्त मोबाइल फोन, बैंक लेन-देन और डिजिटल रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। सभी आरोप पुलिस जांच पर आधारित हैं। आरोपियों की दोषसिद्धि न्यायालय में साक्ष्यों और सुनवाई के बाद तय होगी।