



जयपुर। चाकसू में महिला सेवा सहकारी समिति से जुड़े कथित वित्तीय गबन और जमाकर्ताओं की राशि अटकने के मामले को लेकर पिछले नौ दिनों से चल रहा आंदोलन शुक्रवार को समाप्त हो गया। पूर्व विधायक वेद प्रकाश सोलंकी पीड़ित जमाकर्ताओं को न्याय दिलाने और उनका पैसा वापस दिलाने की मांग को लेकर आमरण अनशन पर बैठे थे।
शुक्रवार को कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव एवं पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट चाकसू स्थित धरना स्थल पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवारों और आंदोलनकारियों से बातचीत की तथा उनकी समस्याएं सुनीं। इसके बाद पायलट ने सहकारिता विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से मौके पर ही चर्चा की।
अधिकारियों से मिले आश्वासन के बाद सचिन पायलट ने वेद प्रकाश सोलंकी को जूस पिलाकर उनका नौ दिन लंबा अनशन समाप्त कराया।
चाकसू की स्थानीय महिला सेवा सहकारी समिति पर जमाकर्ताओं की करोड़ों रुपये की राशि से जुड़ी कथित वित्तीय अनियमितताओं और गबन के आरोप हैं। क्षेत्र के अनेक ग्रामीण परिवारों और छोटे निवेशकों का दावा है कि उनकी जमा पूंजी लंबे समय से अटकी हुई है।
प्रभावित लोग कई महीनों से संबंधित विभागों और सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगा रहे थे। ठोस समाधान नहीं मिलने के बाद वेद प्रकाश सोलंकी ने आंदोलन शुरू किया और आमरण अनशन पर बैठ गए।
धरना स्थल पर पहुंचे सचिन पायलट ने पीड़ित जमाकर्ताओं से उनकी जमा राशि, शिकायतों और अब तक हुई प्रशासनिक कार्रवाई की जानकारी ली।
उन्होंने कहा कि गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों की जमा पूंजी से जुड़े मामलों में सरकार तथा सहकारिता विभाग को संवेदनशीलता के साथ समयबद्ध कार्रवाई करनी चाहिए। पायलट ने आंदोलन को समर्थन देते हुए अधिकारियों से जांच और भुगतान प्रक्रिया को शीघ्र आगे बढ़ाने के लिए कहा।
धरना स्थल पर पहुंचे सहकारिता विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने समिति के वित्तीय लेन-देन और कथित गबन से जुड़ी जांच तीन महीने के भीतर पूरी करने का आश्वासन दिया।
अधिकारियों ने कहा कि संबंधित रिकॉर्ड, खातों, जमा राशि और जिम्मेदार व्यक्तियों की भूमिका की जांच कर रिपोर्ट तैयार की जाएगी। जांच में अनियमितता प्रमाणित होने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
विभागीय अधिकारियों ने यह भी भरोसा दिलाया कि जांच पूरी होने के बाद पात्र और प्रभावित जमाकर्ताओं की राशि वापस दिलाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
राशि के भुगतान का आधार जांच रिपोर्ट, उपलब्ध अभिलेख और जमाकर्ताओं के दावों का सत्यापन होगा। अधिकारियों ने प्रभावित लोगों से आवश्यक दस्तावेज सुरक्षित रखने और जांच में सहयोग करने की अपील की।
सहकारिता विभाग से समयबद्ध जांच और भुगतान प्रक्रिया का आश्वासन मिलने के बाद वेद प्रकाश सोलंकी ने अनशन समाप्त करने पर सहमति दी।
सचिन पायलट ने उन्हें अपने हाथों से जूस पिलाकर भूख हड़ताल खत्म कराई। इस दौरान धरना स्थल पर मौजूद समर्थकों और पीड़ित परिवारों ने राहत व्यक्त की।
अनशन समाप्त होने के बाद प्रभावित परिवारों में उनकी जमा राशि वापस मिलने की उम्मीद बढ़ी है। हालांकि, अंतिम भुगतान जांच पूरी होने और दावों के सत्यापन के बाद ही संभव होगा।
पीड़ितों ने मांग की कि जांच केवल औपचारिकता तक सीमित न रहे और तय तीन महीने की अवधि में जिम्मेदारी निर्धारित कर वास्तविक भुगतान शुरू किया जाए।