Thursday, 16 July 2026

पांचना बांध के सातों गेटों का सफल टेस्ट रन: गंभीर नदी और नहरों में फिर छोड़ा पानी, किसानों में खुशी


पांचना बांध के सातों गेटों का सफल टेस्ट रन: गंभीर नदी और नहरों में फिर छोड़ा पानी, किसानों में खुशी

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करौली। करीब दो दशक से पांचना बांध के पानी को लेकर चले आ रहे विवाद और हाल में हुए किसान आंदोलन के बाद गुरुवार को राहत भरी खबर सामने आई। स्लूस गेटों में आई तकनीकी खामियां दूर करने के बाद बांध के सातों गेटों का सफल परीक्षण किया गया। इसके साथ ही कमांड क्षेत्र की नहरों, गंभीर नदी और पांचना-गुड़ला लिफ्ट परियोजना की नहरों में दोबारा पानी छोड़ा गया।

नहरों और गंभीर नदी में जल प्रवाह शुरू होने पर किसान प्रतिनिधियों ने खुशी जताई। किसानों ने उम्मीद व्यक्त की कि अब सिंचाई के लिए समय पर पर्याप्त पानी उपलब्ध हो सकेगा और क्षेत्र की कृषि व्यवस्था को लाभ मिलेगा।

पूजा-अर्चना के बाद एक-एक कर खोले सातों गेट

गुरुवार शाम संभागीय आयुक्त नलिनी कठौतिया, करौली जिला कलक्टर अक्षय गोदारा, सवाई माधोपुर जिला कलक्टर कानाराम और करौली पुलिस अधीक्षक लोकेश सोनवाल पांचना बांध पहुंचे।

इस दौरान जल संसाधन विभाग के अतिरिक्त मुख्य अभियंता डी.के. अग्रवाल, अधिशासी अभियंता विवेक बंसल सहित विभाग के अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे। स्लूस गेटों की पूजा-अर्चना के बाद सातों गेटों को एक-एक कर खोलकर उनका तकनीकी परीक्षण किया गया।

परीक्षण के दौरान गंभीर नदी और बांध के कमांड क्षेत्र की नहरों में जल प्रवाह शुरू किया गया। पांचना-गुड़ला लिफ्ट परियोजना की नहरों में भी टेस्ट रन के तहत पानी छोड़ा गया।

टेस्ट रन पूरी तरह सफल

संभागीय आयुक्त नलिनी कठौतिया ने बताया कि स्लूस गेटों में आई तकनीकी खामियों को विशेषज्ञों की सहायता से दूर कर दिया गया है। सातों गेटों का परीक्षण सफल रहा और निर्धारित व्यवस्था के अनुसार जल प्रवाह शुरू हो गया।

उन्होंने कहा कि सफल परीक्षण से भविष्य में नियमित रूप से पानी छोड़ने का रास्ता साफ हुआ है। विभागीय अधिकारी जल प्रवाह, गेटों के संचालन और नहरों की स्थिति की लगातार निगरानी करेंगे।

6 जुलाई को आई थी तकनीकी खराबी

पांचना बांध के पानी को लेकर करीब 20 वर्षों से विवाद बना हुआ था। हाल में 30 जून को जयपुर में राज्य सरकार के तीन मंत्रियों और किसान प्रतिनिधियों के बीच हुई उच्चस्तरीय बैठक में सहमति बनने के बाद गतिरोध समाप्त हुआ था।

इसके बाद 6 जुलाई को जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत और गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम ने नवीन पांचना-गुड़ला लिफ्ट परियोजना का शिलान्यास किया था। उसी दिन नहरों और गंभीर नदी में पानी भी छोड़ा गया था।

हालांकि, पानी छोड़े जाने के कुछ समय बाद स्लूस गेटों में तकनीकी खराबी सामने आई। इससे पानी का अपेक्षित दबाव नहीं बन पाया और जल प्रवाह प्रभावित हुआ।

विशेषज्ञों की मदद से दूर की गई खामी

तकनीकी समस्या सामने आने के बाद जल संसाधन विभाग ने गेटों की जांच शुरू की। विशेषज्ञों की सहायता से स्लूस गेटों के संचालन में आ रही खामियों को दूर किया गया।

मरम्मत और आवश्यक तकनीकी सुधार के बाद गुरुवार को सभी सात गेटों का दोबारा परीक्षण किया गया। अधिकारियों के अनुसार, परीक्षण के दौरान गेटों का संचालन और पानी का दबाव संतोषजनक पाया गया।

सिंचाई के लिए पानी मिलने की उम्मीद

पांचना बांध से पानी छोड़े जाने का लाभ करौली और सवाई माधोपुर जिलों के कमांड क्षेत्र में आने वाले किसानों को मिलने की संभावना है। नहरों में नियमित जल प्रवाह होने से खरीफ और आगामी फसलों की सिंचाई में सहायता मिलेगी।

किसान प्रतिनिधियों ने कहा कि लंबे संघर्ष के बाद नहरों में पानी देखकर क्षेत्र में उत्साह है। उन्होंने प्रशासन और जल संसाधन विभाग से मांग की कि जल वितरण की नियमित निगरानी की जाए तथा अंतिम छोर तक किसानों को निर्धारित मात्रा में पानी उपलब्ध कराया जाए।

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