



जयपुर। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से अधिसूचना जारी होते ही भाजपा पंचायत और निकाय चुनाव लड़ने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा कि पार्टी न्यायपालिका का सर्वोच्च सम्मान करती है और न्यायालय के प्रत्येक आदेश की नियमानुसार पालना की जाएगी।
राठौड़ ने भाजपा पर चुनाव से बचने के लगाए जा रहे आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने दावा किया कि पार्टी ने अब तक हुए उपचुनावों में करीब 85 प्रतिशत सीटों पर जीत दर्ज की है। ऐसे में भाजपा के चुनाव से पीछे हटने का कोई प्रश्न नहीं है। सरकार और संगठन दोनों चुनावी तैयारियों में सक्रिय हैं और केवल औपचारिक अधिसूचना का इंतजार किया जा रहा है।
मदन राठौड़ ने कहा कि भाजपा न्यायालय के निर्देशों का सम्मान करती है और चुनाव से जुड़ी सभी प्रक्रियाएं कानून के अनुसार पूरी की जाएंगी। पार्टी की ओर से किसी भी स्थिति में अदालत की अवमानना नहीं की जाएगी।
उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग की ओर से चुनाव कार्यक्रम घोषित होते ही प्रत्याशी चयन, संगठनात्मक समन्वय और प्रचार से संबंधित आगामी प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
निकाय चुनावों से जुड़े परिसीमन और वार्ड गठन के सवाल पर राठौड़ ने कहा कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के समय वार्डों का गठन अव्यवस्थित तरीके से किया गया था। वर्तमान सरकार ने व्यवस्था में सुधार करने का प्रयास किया है।
ओबीसी आरक्षण से जुड़े विषय पर उन्होंने कहा कि आयोग की प्रक्रिया में कुछ तकनीकी अड़चनें आई हैं। इनका शीघ्र समाधान होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी करेगी।
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए मदन राठौड़ ने कहा कि भाजपा सरकार में स्थानांतरण सहित सभी प्रशासनिक कार्य पारदर्शिता के साथ किए जा रहे हैं। उन्होंने किसी प्रकार के लेन-देन के आरोपों को खारिज किया।
राठौड़ ने कहा कि जरूरतमंद लोगों के कार्य प्राथमिकता के आधार पर किए जा रहे हैं। शिक्षकों की समस्याओं के समाधान के लिए भी सरकार लगातार प्रयास कर रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस शासन के दौरान तबादलों को लेकर जिस प्रकार की शिकायतें सामने आती थीं, उसी आधार पर डोटासरा वर्तमान सरकार पर आरोप लगा रहे हैं। भाजपा सरकार में निर्णय पारदर्शिता और आवश्यकता के आधार पर लिए जाते हैं।
आपातकाल से संबंधित कांग्रेस के आरोपों पर राठौड़ ने कहा कि देश ने वास्तविक आपातकाल पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के शासनकाल में देखा था। उस समय नागरिक स्वतंत्रताओं पर प्रतिबंध लगाए गए, विपक्षी नेताओं और अन्य लोगों को जेलों में बंद किया गया तथा जबरन नसबंदी जैसी कार्रवाइयां हुईं।
उन्होंने कहा कि वर्तमान भाजपा सरकार संविधान, कानून के शासन और नागरिकों के मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। प्रदेश में कानून-व्यवस्था मजबूत है और विकास कार्य तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े सवाल पर भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि आरएसएस एक सामाजिक और सांस्कृतिक संगठन है, जिसका उद्देश्य राष्ट्रभक्ति, अनुशासन और सामाजिक समरसता से युक्त नागरिकों का निर्माण करना है।
उन्होंने कहा कि भाजपा एक राजनीतिक दल है, जबकि आरएसएस समाज और राष्ट्र निर्माण के क्षेत्र में कार्य करता है। संगठन के बारे में पूरी जानकारी के बिना टिप्पणी करना उचित नहीं है।
राठौड़ ने कहा कि महात्मा गांधी भी आरएसएस के एक कार्यक्रम में शामिल हुए थे और वहां सामाजिक समरसता के वातावरण की सराहना की थी। उन्होंने आरएसएस को राष्ट्रवादी और निष्कलंक संगठन बताते हुए कहा कि डोटासरा चाहें तो संघ के कार्यक्रमों में जाकर उसकी कार्यप्रणाली को समझ सकते हैं।
विदेशी मंचों पर भारतीय राजनीति और संस्थाओं की आलोचना से जुड़े सवाल पर राठौड़ ने कहा कि राजनीतिक नेताओं को अपनी बात देश के भीतर सक्षम संवैधानिक और लोकतांत्रिक मंचों पर तथ्यों के साथ रखनी चाहिए।
उन्होंने राहुल गांधी पर विदेशों में भारत की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया। राठौड़ ने कहा कि अन्य राजनीतिक दलों के नेताओं को भी विदेशी मंचों का उपयोग देश की छवि खराब करने के लिए नहीं करना चाहिए। उनके अनुसार, ऐसा करना राजनीतिक प्रसिद्धि हासिल करने का माध्यम नहीं बनना चाहिए।