Thursday, 16 July 2026

NEET-UG पेपर लीक में CBI का बड़ा दावा: ₹5 लाख में हासिल किए केमिस्ट्री के सवाल, मोबाइल में मिले 132 में से 111 प्रश्न NTA सेट से मेल खा


NEET-UG पेपर लीक में CBI का बड़ा दावा: ₹5 लाख में हासिल किए केमिस्ट्री के सवाल, मोबाइल में मिले 132 में से 111 प्रश्न NTA सेट से मेल खा

ख़बर सुनिए:

0:00
0:00
Audio thumbnail

नई दिल्ली। केंद्रीय जांच ब्यूरो ने NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में स्पेशल कोर्ट के समक्ष बड़ा दावा किया है। सीबीआई के अनुसार, महाराष्ट्र के लातूर में कोचिंग सेंटर संचालित करने वाले शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी के प्रश्नपत्र तैयार करने वाले पैनल से जुड़े प्रोफेसर पी.वी. कुलकर्णी से केमिस्ट्री के प्रश्न हासिल करने के लिए कथित रूप से पांच लाख रुपए दिए थे।

सीबीआई ने यह दावा आरोपी मोटेगांवकर की जमानत याचिका के जवाब में किया है। एजेंसी के मुताबिक, उसके मोबाइल फोन से केमिस्ट्री के हस्तलिखित प्रश्नों वाली 36 तस्वीरें मिलीं। इनमें पांच तस्वीरें डुप्लिकेट थीं और कुल 132 प्रश्न लिखे हुए थे। प्रारंभिक मिलान में इनमें से करीब 111 प्रश्न NEET-UG 2026 के लिए तैयार NTA के मास्टर प्रश्न सेट से मेल खाते पाए गए।

परीक्षा से करीब 10 दिन पहले ली गई थीं तस्वीरें

सीबीआई के अनुसार, मोबाइल फोन की मेटाडेटा जांच में सामने आया कि हस्तलिखित प्रश्नों की तस्वीरें परीक्षा से करीब 10 दिन पहले ली गई थीं। NEET-UG परीक्षा 3 मई को आयोजित की गई थी, जबकि संबंधित तस्वीरें 23 अप्रैल की बताई गई हैं।

जांच एजेंसी का आरोप है कि मोटेगांवकर के बेटे आदित्य ने सह-आरोपी पी.वी. कुलकर्णी की विशेष कक्षाओं में हिस्सा लिया था। इन्हीं कक्षाओं में कथित रूप से लीक हुए केमिस्ट्री प्रश्न उपलब्ध कराए गए, जिनसे बाद में हस्तलिखित नोट्स तैयार किए गए।

पेपर सेटर को पांच लाख रुपए देने का आरोप

सीबीआई ने अदालत को बताया कि मोटेगांवकर ने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर परीक्षा से पहले केमिस्ट्री के प्रश्न हासिल किए और इसके बदले पांच लाख रुपए का भुगतान किया।

जांच एजेंसी का दावा है कि कथित भुगतान से संबंधित राशि सह-आरोपी डॉ. मनोज भगवानराव शिरूरे की निशानदेही पर बरामद की गई। सीबीआई के अनुसार, प्रश्न लातूर स्थित सिद्धिविनायक अस्पताल परिसर में हासिल किए गए थे। यह अस्पताल डॉ. शिरूरे का बताया गया है।

410 सवालों का ‘गेस पेपर’ भी बांटने का आरोप

सीबीआई की जांच में एक कथित ‘गेस पेपर’ की भूमिका भी सामने आई है। एजेंसी के अनुसार, करीब 150 पन्नों वाले इस दस्तावेज में 410 प्रश्न थे और इसे कुछ अभ्यर्थियों तक परीक्षा से पहले पहुंचाया गया था।

सीबीआई का दावा है कि इन 410 प्रश्नों में से करीब 120 सवाल वास्तविक परीक्षा के केमिस्ट्री पेपर में आए थे। कथित प्रश्नपत्र को टेलीग्राम सहित ऑनलाइन माध्यमों से लगभग 10 लाख रुपए में बेचने की बात भी जांच में सामने आई है।

परीक्षा रद्द कर 21 जून को हुआ था री-एग्जाम

NEET-UG 2026 की मूल परीक्षा 3 मई को हुई थी। परीक्षा में कथित गड़बड़ी और पेपर लीक के आरोप सामने आने के बाद NTA ने 12 मई को परीक्षा रद्द कर दी थी। इसके बाद 21 जून को दोबारा परीक्षा आयोजित की गई। इस मामले में अब तक 13 आरोपियों की गिरफ्तारी की जानकारी सामने आई है।

लातूर में संचालित करता है कोचिंग संस्थान

मोटेगांवकर लातूर में रेनुकाई केमिस्ट्री क्लासेज संचालित करता है। जांच एजेंसी अब उसके कोचिंग नेटवर्क, विद्यार्थियों के चयन, फीस और प्रश्नों के वितरण से जुड़े रिकॉर्ड की जांच कर रही है।

सीबीआई यह भी पता लगा रही है कि कथित रूप से लीक प्रश्न कितने अभ्यर्थियों तक पहुंचे, उनके बदले कितनी राशि वसूली गई और नेटवर्क में NTA पैनल अथवा कोचिंग संस्थानों से जुड़े अन्य कौन लोग शामिल थे।

अमीर और बेहतर प्रदर्शन वाले छात्रों को चुनने का दावा

जांच से जुड़े सूत्रों के अनुसार, गिरोह कथित रूप से ऐसे विद्यार्थियों को चुनता था जिनके परिवार आर्थिक रूप से मजबूत हों और विद्यार्थी पढ़ाई में औसत से बेहतर हों। परीक्षा से पहले उनके लिए विशेष मेंटरिंग और तैयारी सत्र आयोजित किए जाने की बात भी सामने आई है।

हालांकि, आरोपी की कथित 1,500 करोड़ रुपए की संपत्ति, विशिष्ट छात्रों के चयन और नेटवर्क के संचालन से जुड़े कुछ दावे अभी जांच का हिस्सा हैं। इनकी स्वतंत्र अथवा आधिकारिक पुष्टि शेष है।

पूछताछ से नेटवर्क की अन्य कड़ियां तलाश रही CBI

सीबीआई आरोपी के मोबाइल फोन, बैंक खातों, डिजिटल भुगतान, कोचिंग रिकॉर्ड और अन्य आरोपियों के साथ उसके संपर्कों की जांच कर रही है। मोबाइल से मिले वीडियो, तस्वीरों और संदेशों के आधार पर अभ्यर्थियों तथा बिचौलियों की भूमिका का भी पता लगाया जा रहा है।

जांच एजेंसी का कहना है कि आगे की पूछताछ और डिजिटल साक्ष्यों के विश्लेषण से पेपर लीक नेटवर्क की अन्य कड़ियां तथा वित्तीय लेन-देन सामने आ सकते हैं।

    Previous
    Next

    Related Posts