Wednesday, 15 July 2026

जयपुर में विदेश भेजने के नाम पर ठगी करने वाले 3 फर्जी कॉल सेंटर पकड़े, 22 युवक-युवतियां हिरासत में, 40 मोबाइल बरामद


जयपुर में विदेश भेजने के नाम पर ठगी करने वाले 3 फर्जी कॉल सेंटर पकड़े, 22 युवक-युवतियां हिरासत में, 40 मोबाइल बरामद

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जयपुर। विदेश भेजने और नौकरी दिलाने का झांसा देकर लोगों से कथित ठगी करने वाले तीन फर्जी कॉल सेंटरों का जयपुर पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत सीएसटी और एनडीपीएस यूनिट ने बुधवार को महेश नगर और जालूपुरा थाना क्षेत्रों में एक साथ कार्रवाई की।

छापेमारी के दौरान तीनों कॉल सेंटरों पर कुल 22 युवक-युवतियां काम करते मिले। इनमें दो युवक और 20 युवतियां शामिल हैं। पुलिस ने सभी को हिरासत में लेकर आगे की कार्रवाई के लिए संबंधित थाना पुलिस को सौंप दिया। मौके से एक लैपटॉप और करीब 40 मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं।

सोशल मीडिया और अखबारों में देते थे विज्ञापन

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गिरोह अखबारों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर विदेश में नौकरी दिलाने से संबंधित आकर्षक विज्ञापन जारी करता था। विज्ञापन देखकर संपर्क करने वाले लोगों को विदेश भेजने, बेहतर नौकरी और अधिक वेतन का झांसा दिया जाता था।

इसके बाद रजिस्ट्रेशन, वीजा, मेडिकल जांच, प्रोसेसिंग फीस और नियुक्ति से जुड़े अन्य खर्चों के नाम पर अलग-अलग बैंक खातों में रकम जमा करवाई जाती थी। आरोप है कि भुगतान मिलने के बाद पीड़ितों को फर्जी वीजा और नियुक्ति पत्र उपलब्ध कराए जाते थे।

10 दिन से पुलिस कर रही थी निगरानी

स्पेशल पुलिस कमिश्नर ओमप्रकाश ने बताया कि इन कॉल सेंटरों की गतिविधियों की सूचना मिलने के बाद पुलिस टीमें करीब 10 दिन से निगरानी कर रही थीं। संदिग्ध गतिविधियों की पुष्टि होने के बाद तीनों ठिकानों पर छापेमारी की गई।

उन्होंने बताया कि आरोपियों द्वारा लोगों को विदेश भेजने का झांसा देकर रकम वसूलने की जानकारी सामने आई है। संदिग्ध बैंक खातों को फ्रीज करवाने की कार्रवाई भी की गई है। पुलिस पूछताछ और डिजिटल उपकरणों की जांच से ठगी के मामलों तथा पीड़ितों की संख्या के संबंध में विस्तृत जानकारी सामने आ सकती है।

महिमा ट्रिनिटी मॉल में मिले संचालक

पुलिस को सूचना मिली थी कि महेश नगर थाना क्षेत्र स्थित महिमा ट्रिनिटी मॉल की पांचवीं मंजिल पर ऑफिस नंबर-35 में फर्जी कॉल सेंटर संचालित हो रहा है।

छापेमारी के दौरान कथित कॉल सेंटर संचालक सारांश गोयल और उसका साथी समीर बंसल मौके पर मिले। कार्यालय में 10 युवतियों सहित कुल 12 लोग काम करते पाए गए। पुलिस ने वहां रखे मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य दस्तावेज कब्जे में लेकर जांच शुरू की।

ओके प्लस मॉल में पांच युवतियां मिलीं

इसके बाद टीम ने महेश नगर क्षेत्र स्थित ओके प्लस मॉल की छठी मंजिल पर ऑफिस नंबर-608 में छापा मारा। यहां पांच युवतियां कॉल सेंटर का काम करती मिलीं।

पुलिस के पहुंचने के समय इस कॉल सेंटर का संचालक मौजूद नहीं था। पुलिस उसकी पहचान और ठिकाने का पता लगाने के साथ कार्यालय के किराए, संचालन और बैंक खातों से जुड़े रिकॉर्ड की जांच कर रही है।

गणपति प्लाजा में भी चल रहा था कॉल सेंटर

तीसरी कार्रवाई जालूपुरा थाना क्षेत्र स्थित गणपति प्लाजा में की गई। यहां भी विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर कथित रूप से कॉल सेंटर चलाया जा रहा था। मौके पर पांच युवतियां काम करती मिलीं, जबकि संचालक फरार था।

पुलिस ने कार्यालय से मिले उपकरण और दस्तावेज जब्त कर जालूपुरा थाना पुलिस को सौंप दिए। तीनों कॉल सेंटरों के बीच आपसी संबंध और उनके संचालन में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

बैंक खातों और वित्तीय लेन-देन की जांच

पुलिस अब कॉल सेंटर संचालकों के बैंक खातों, ऑनलाइन भुगतान, कॉल रिकॉर्ड और वित्तीय लेन-देन की जांच कर रही है। बरामद मोबाइल फोन और लैपटॉप की फॉरेंसिक जांच से पीड़ितों की सूची, फर्जी दस्तावेज, विज्ञापन और रकम के लेन-देन का रिकॉर्ड मिलने की संभावना है।

यह भी पता लगाया जा रहा है कि गिरोह ने अब तक कितने लोगों से संपर्क किया और कितनी राशि की ठगी की। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी और संबंधित धाराओं में मुकदमे दर्ज किए जाएंगे।

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