



जयपुर। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने राम मंदिर और बुटाटी धाम चंदा चोरी से जुड़े मामलों में कांग्रेस नेताओं के बयानों पर पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि देश में कुछ लोग सुनियोजित तरीके से आस्था स्थलों को नुकसान पहुंचाने और धार्मिक भावनाओं को आहत करने का प्रयास कर रहे हैं। राठौड़ ने कहा कि ऐसे मामलों में दोषियों को बेनकाब कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मदन राठौड़ ने आरोप लगाया कि कुछ बाहरी ताकतें भी समाज के लोगों को भ्रमित कर इस प्रकार की गतिविधियों को बढ़ावा देने की कोशिश कर सकती हैं। उन्होंने कहा कि आस्था स्थलों और धार्मिक भावनाओं से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की साजिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
बुटाटी धाम मामले में डोटासरा पर निशाना
बुटाटी धाम से जुड़े प्रकरण का उल्लेख करते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के बयान को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि बुटाटी धाम के प्रबंधन में कांग्रेस से जुड़े लोग ही रहे हैं और वहां के प्रबंधन में कांग्रेस पार्षद के पति अध्यक्ष हैं।
राठौड़ ने कहा कि डोटासरा ने भाजपा पर आरोप लगाकर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश की, लेकिन यह प्रयास कांग्रेस पर ही भारी पड़ गया। उन्होंने कहा कि डोटासरा ने इस मामले में “सेल्फ गोल” कर दिया। उनका कहना था कि विपक्ष ने बिना तथ्यों को समझे राजनीतिक बयानबाजी की और स्वयं को ही कटघरे में खड़ा कर लिया।
राम मंदिर मामले पर भी कांग्रेस को घेरा
मदन राठौड़ ने राम मंदिर से जुड़े हालिया विवादों का उल्लेख करते हुए कहा कि जिन लोगों का मंदिर और उसकी परंपराओं से कोई जुड़ाव नहीं रहा, वे आज निराधार आरोप लगाकर समाज में भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया है और दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने चंपत राय के वर्षों के समर्पण और संघर्ष का उल्लेख करते हुए कहा कि ऐसे समर्पित व्यक्तित्वों को बदनाम करना दुर्भाग्यपूर्ण है। राठौड़ ने कहा कि राम मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था और सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक है।
आस्था को आहत करना उचित नहीं
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि किसी भी व्यक्ति की धार्मिक आस्था के साथ खिलवाड़ नहीं होना चाहिए। श्रद्धालु अपनी आस्था के कारण मंदिरों में दान और चंदा देते हैं, जिससे मंदिरों का विकास, सेवा कार्य और जनहित से जुड़े अनेक कार्य संचालित होते हैं। ऐसे में चंदा चोरी जैसे आरोपों को राजनीतिक रूप देकर लोगों की आस्था को आहत करना उचित नहीं है।
राठौड़ ने कहा कि इतिहास साक्षी है कि विदेशी आक्रांताओं ने भारत की आस्था और सांस्कृतिक विरासत पर हमला किया। सोमनाथ, अयोध्या और मथुरा जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों को नुकसान पहुंचाया गया और शिक्षा व्यवस्था को भी कमजोर करने का प्रयास हुआ। उन्होंने कहा कि आज भी कुछ शक्तियां उसी मानसिकता के साथ समाज की आस्था पर प्रहार करने का प्रयास कर रही हैं, जिसकी भाजपा कड़ी निंदा करती है।
उन्होंने कहा कि आस्था से समाज को प्रेरणा, विश्वास और आत्मबल मिलता है। इसे कमजोर करने का कोई भी प्रयास स्वीकार नहीं किया जाएगा। ऐसे मामलों की गहन जांच कर जिम्मेदार लोगों को बेनकाब किया जाना चाहिए।
प्रसूताओं की घटना पर जताया दुख
प्रसूताओं के उपचार के दौरान हुई अप्रिय घटना पर भी मदन राठौड़ ने गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह अत्यंत संवेदनशील विषय है। राज्य सरकार इस मामले को गंभीरता से ले रही है और ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।