



जयपुर। राजस्थान कांग्रेस संगठन में जल्द बदलाव की सुगबुगाहट तेज हो गई है। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा की प्रदेश संगठन पदाधिकारियों की टीम में आने वाले दिनों में फेरबदल होने के संकेत मिल रहे हैं। चर्चा है कि संगठन में सक्रियता, दोहरी जिम्मेदारियों और आगामी चुनावी तैयारियों को ध्यान में रखते हुए प्रदेश पदाधिकारियों की नई टीम तैयार की जा सकती है।
सूत्रों के अनुसार कांग्रेस प्रदेश पदाधिकारी रहते हुए जिलाध्यक्ष या संगठन में अन्य पदों पर नियुक्त हो चुके करीब एक दर्जन नेताओं को वर्तमान प्रदेश पदाधिकारी पद से मुक्त किया जा सकता है। इसके अलावा तीन से चार निष्क्रिय प्रदेश पदाधिकारियों की जगह नए और युवा नेताओं को मौका दिए जाने की चर्चा है।
संगठनात्मक बदलाव में मौजूदा दो प्रदेश उपाध्यक्षों और आधा दर्जन से अधिक प्रदेश सचिवों को पद से मुक्त किए जाने की संभावना जताई जा रही है। बताया जा रहा है कि कांग्रेस राष्ट्रीय संगठन नेतृत्व राजस्थान में पार्टी को आगामी नगर निकाय और पंचायत राज चुनावों से पहले अधिक सक्रिय और संतुलित रूप देना चाहता है।
सूत्रों के मुताबिक, बदलाव में ऐसे नेताओं को प्राथमिकता दी जा सकती है, जो संगठनात्मक रूप से सक्रिय हों और क्षेत्रीय स्तर पर पार्टी को मजबूत करने की क्षमता रखते हों। युवा चेहरों, सामाजिक संतुलन और चुनावी उपयोगिता को भी नई नियुक्तियों में महत्व दिए जाने की संभावना है।
इधर, एआईसीसी के उच्च स्तर पर यह भी संकेत मिल रहे हैं कि कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा को फिलहाल उनके पद पर यथावत रखा जा सकता है। आगामी नगर निकाय और पंचायत राज चुनावों तक डोटासरा के नेतृत्व में ही प्रदेश संगठन को आगे बढ़ाए जाने की संभावना जताई जा रही है।
राजस्थान में आने वाले समय में स्थानीय निकाय और पंचायती राज चुनाव कांग्रेस के लिए महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। ऐसे में पार्टी संगठन में बदलाव को चुनावी तैयारी और जमीनी सक्रियता से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, संगठनात्मक बदलाव को लेकर अभी तक कांग्रेस की ओर से आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
अब सभी की नजर कांग्रेस राष्ट्रीय नेतृत्व और प्रदेश संगठन की आगामी सूची पर टिकी है। नई नियुक्तियों के बाद यह स्पष्ट होगा कि पार्टी किस क्षेत्र, वर्ग और नेतृत्व समूह को संगठन में अधिक महत्व देती है।