Wednesday, 08 July 2026

डोटासरा ने शिक्षक तबादलों पर मुख्यमंत्री को लिखा पत्र, बोले- शेखावाटी को राजनीतिक दुर्भावना से निशाना बनाया जा रहा


डोटासरा ने शिक्षक तबादलों पर मुख्यमंत्री को लिखा पत्र, बोले- शेखावाटी को राजनीतिक दुर्भावना से निशाना बनाया जा रहा

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जयपुर। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष और लक्ष्मणगढ़ विधायक गोविंद सिंह डोटासरा ने शिक्षा विभाग में हुए तबादलों को लेकर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को आपत्ति पत्र भेजा है। डोटासरा ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने राजनीतिक दुर्भावना और प्रशासनिक आधार का दुरुपयोग करते हुए सीकर, चूरू और झुंझुनूं सहित शेखावाटी क्षेत्र में बड़े पैमाने पर शिक्षकों के तबादले किए हैं।

कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष डोटासरा ने पत्र में लिखा कि लोकतंत्र में बहुमत सरकार चलाने का अधिकार देता है, लेकिन किसी क्षेत्र, जनप्रतिनिधि या उससे जुड़े लोगों को निशाना बनाने का अधिकार नहीं देता। उन्होंने कहा कि शेखावाटी में शिक्षा विभाग के तबादलों के आंकड़े चिंताजनक हैं और इससे क्षेत्र की शिक्षा व्यवस्था प्रभावित हो रही है।

कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष डोटासरा ने दावा किया कि अकेले लक्ष्मणगढ़ विधानसभा क्षेत्र से अब तक करीब 400 शिक्षकों के तबादले किए जा चुके हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यह केवल प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि जनादेश, जनप्रतिनिधित्व और क्षेत्र की शिक्षा व्यवस्था को कमजोर करने का प्रयास है।

कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष डोटासरा ने पत्र में उल्लेख किया कि द्वितीय श्रेणी शिक्षकों की हालिया सूची में शिक्षा मंडल चूरू के कुल 808 तबादलों में से 356 तबादले प्रशासनिक आधार पर किए गए। वहीं लक्ष्मणगढ़ विधानसभा क्षेत्र में कुल 174 तबादलों में से 147 तबादले प्रशासनिक आधार पर किए गए, जो कुल तबादलों का करीब 84.48 प्रतिशत है।

उन्होंने आगे लिखा कि इससे पूर्व व्याख्याता स्थानांतरण सूची में लक्ष्मणगढ़ विधानसभा क्षेत्र से कुल 143 में से 122 तबादले प्रशासनिक आधार पर हुए, जो 85.31 प्रतिशत है। इसी प्रकार प्रधानाचार्य सूची में 81 में से 71 तबादले प्रशासनिक आधार पर किए गए, जो 87.65 प्रतिशत है।

कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष डोटासरा ने सवाल उठाया कि क्या शिक्षकों को पढ़ाने के बजाय तबादलों के माध्यम से डराने और प्रताड़ित करने की नीति अपनाई जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि केवल शेखावाटी ही नहीं, बल्कि प्रदेश के उन क्षेत्रों में भी इसी तरह की स्थिति है, जहां कांग्रेस के जनप्रतिनिधि हैं। हालांकि लगातार एक ही संभाग और एक ही विधानसभा क्षेत्र को निशाना बनाया जाना गंभीर प्रश्न खड़े करता है।

कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष डोटासरा ने कहा कि यदि सरकार जनहित के मुद्दे उठाने वाले जनप्रतिनिधियों की आवाज दबाने के उद्देश्य से इस प्रकार के कदम उठा रही है, तो यह लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है। उन्होंने कहा कि जनता की आवाज दबाने के प्रयास कभी सफल नहीं हुए हैं।

कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष डोटासरा ने मुख्यमंत्री से इस मामले में संज्ञान लेने की मांग करते हुए कहा कि शिक्षकों के तबादलों में पारदर्शिता, न्यायसंगत प्रक्रिया और शिक्षा व्यवस्था के हितों का ध्यान रखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि वे अपने क्षेत्र के लोगों, विद्यार्थियों और शिक्षकों के हितों की आवाज पहले भी उठाते रहे हैं और आगे भी मजबूती से उठाते रहेंगे।

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