Wednesday, 08 July 2026

दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का 80% काम पूरा, गडकरी बोले- दो साल में दिल्ली से मुंबई 12 घंटे में पहुंचेंगे


दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का 80% काम पूरा, गडकरी बोले- दो साल में दिल्ली से मुंबई 12 घंटे में पहुंचेंगे

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कोटा। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का करीब 80 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। इस परियोजना पर एक लाख 10 हजार करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि दो साल के भीतर दिल्ली से नरीमन पॉइंट मुंबई और जवाहरलाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट तक वाहन से करीब 12 घंटे में पहुंचने की सुविधा उपलब्ध होगी।

नितिन गडकरी बुधवार को दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का निरीक्षण करने राजस्थान पहुंचे थे। उन्होंने बूंदी जिले के लबान इंटरचेंज से कोटा के दरा टनल तक करीब 90 किलोमीटर क्षेत्र में एक्सप्रेसवे के निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। इस दौरान उनके साथ लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा भी मौजूद रहे।

कोटा में दरा टनल के पास गोपालपुरा माताजी में सभा को संबोधित करते हुए गडकरी ने कहा कि “हम जो बोलेंगे, वह करके दिखाएंगे, यही हमारी पहचान है।” उन्होंने कहा कि दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे केवल आवागमन का मार्ग नहीं है, बल्कि यह विकास का मार्ग है। जहां-जहां से यह हाईवे गुजरेगा, वहां उद्योग, व्यापार, लॉजिस्टिक पार्क, शिक्षा संस्थान, मेडिकल कॉलेज और किसान आधारित उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा।

गडकरी ने कहा कि इस हाईवे से पिछड़े क्षेत्रों को विकास की नई दिशा मिलेगी। उन्होंने कहा कि एक्सप्रेसवे के कारण औद्योगिक गतिविधियां बढ़ेंगी, व्यापार को गति मिलेगी और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। सरकार का उद्देश्य केवल सड़क बनाना नहीं, बल्कि सड़क के माध्यम से क्षेत्रीय विकास को गति देना है।

सभा के दौरान गडकरी ने इटावा से कोटा तक नए एक्सप्रेस हाईवे की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे की तरह एक नया हाईवे तैयार किया जा रहा है। पहले इसका नाम चंबल एक्सप्रेस हाईवे था, लेकिन अब इसका नाम अटल एक्सप्रेस हाईवे रखा गया है। यह मार्ग ग्वालियर क्षेत्र से होकर गुजरेगा, जो पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की कर्मभूमि रही है।

गडकरी ने कहा कि करीब 15 हजार करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले इस हाईवे की डीपीआर का काम शुरू हो चुका है और जल्द ही इसका कार्य भी शुरू होगा। यह हाईवे कोटा से इटावा तक चंबल नदी के साथ-साथ विकसित किया जाएगा।

केंद्रीय मंत्री ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से कहा कि वे मांगते-मांगते थक जाएंगे, लेकिन वे देते-देते नहीं थकेंगे। उन्होंने कहा कि सड़क विकास के लिए पैसे की कोई कमी नहीं है, केवल परियोजना नेशनल हाईवे से जुड़ी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि राजस्थान जितना मांगेगा, उतना सहयोग दिया जाएगा।

गडकरी ने कहा कि आज समय कम है, नहीं तो वे राजस्थान को 50 हजार करोड़ रुपए की सौगात देकर जाते। उन्होंने कहा कि अगली बार जयपुर में कार्यक्रम होंगे और विकास कार्यों के लिए पूरी तैयारी के साथ आएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि उनके पास राजस्थान के विकास के लिए चेकबुक तैयार है, जिस पर राशि राज्य की जरूरत के अनुसार लिखी जा सकती है।

दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे और प्रस्तावित अटल एक्सप्रेस हाईवे को राजस्थान, विशेषकर कोटा, बूंदी और हाड़ौती क्षेत्र के विकास के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इन परियोजनाओं से सड़क संपर्क मजबूत होगा, औद्योगिक निवेश बढ़ेगा और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को नई गति मिलने की उम्मीद है।

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