



जयपुर/करौली। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देश और लगातार मॉनिटरिंग के बाद पांचना समझौते के तहत जल प्रवाह की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। निर्धारित व्यवस्था के अनुसार लिफ्ट, कैनाल और नदी की ओर पानी छोड़ने के लिए बांध के गेट खोले गए हैं। इससे क्षेत्र के किसानों और ग्रामीणों में खुशी का माहौल है।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि जिस गेट में तकनीकी खामी थी, उसे भी आज तड़के 4:50 बजे खोल दिया गया। यह गेट लंबे समय से बंद था और तकनीकी खराबी के कारण इसे खोलना चुनौतीपूर्ण माना जा रहा था। गेट को खोलने के लिए रातभर विभागीय टीमें मौके पर जुटी रहीं।
तकनीकी समस्या को दूर करने के लिए भरतपुर, बीसलपुर और मथुरा से विशेषज्ञों को बुलाया गया था। विशेषज्ञों और विभागीय टीमों ने संयुक्त प्रयास कर गेट की तकनीकी खामी को दूर किया और आखिरकार सुबह 4:50 बजे गेट खोलने में सफलता प्राप्त की।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा दिल्ली प्रवास के दौरान भी पूरे मामले की लगातार जानकारी लेते रहे। उन्होंने अधिकारियों से फीडबैक लिया और पांचना समझौते के तहत जल प्रवाह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री की सतत मॉनिटरिंग के चलते वर्षों से लंबित इस प्रक्रिया को गति मिली।
पांचना बांध के वे गेट, जो करीब 20 साल से बंद थे और जिनमें तकनीकी खामियां सामने आ रही थीं, उन्हें भी खोल दिया गया है। अब समझौते के अनुसार लिफ्ट परियोजना, नहर और नदी की दिशा में निर्धारित जल प्रवाह शुरू हो गया है।
इस कदम को पांचना बांध विवाद के समाधान और क्षेत्र में सिंचाई व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। जल प्रवाह शुरू होने से करौली सहित आसपास के क्षेत्रों के किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है।