



बीकानेर। बीकानेर जिले के नोखा थाना क्षेत्र के किरतासर गांव में सोमवार को दर्दनाक हादसा हो गया। खेत में बनी पानी की डिग्गी में डूबने से मां-बेटे सहित तीन लोगों की मौत हो गई। एक मासूम को बचाने के प्रयास में तीन जिंदगियां असमय काल के ग्रास में समा गईं। हादसे के बाद पूरे गांव में मातम छा गया और घटना से हर कोई स्तब्ध रह गया।
जानकारी के अनुसार सोमवार को किरतासर गांव के एक खेत में 10 वर्षीय मनोज पुत्र सेतानाराम नायक पानी की डिग्गी से पानी निकाल रहा था। इसी दौरान अचानक उसका पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में जा गिरा। मनोज को डूबता देख पास में मौजूद 15 वर्षीय नरेंद्र पुत्र अर्जुनराम नायक उसे बचाने के लिए डिग्गी में कूद गया।
बताया जा रहा है कि डिग्गी में पानी का स्तर अधिक था। मनोज को बचाने के प्रयास में नरेंद्र भी पानी में डूबने लगा। दोनों बच्चों को डूबता देख नरेंद्र की मां प्रेमा देवी पत्नी अर्जुनराम मौके पर पहुंचीं और बेटे सहित मनोज को बचाने के लिए डिग्गी में कूद गईं। लेकिन गहराई और पानी के दबाव के कारण वह भी दोनों बच्चों को बाहर नहीं निकाल सकीं और तीनों पानी में डूब गए।
चीख-पुकार सुनकर परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद तीनों को पानी से बाहर निकाला और अचेत अवस्था में बीकानेर के पीबीएम अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में जांच के बाद डॉक्टरों ने तीनों को मृत घोषित कर दिया। इसके बाद शवों को मोर्चरी में रखवाया गया।
हादसे की सूचना पर नोखा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का मौका मुआयना कर आवश्यक जानकारी जुटाई। हादसे में प्रेमा देवी और उनके बेटे नरेंद्र सहित 10 वर्षीय मनोज की मौत हुई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
नोखा थानाधिकारी अरविंद भारद्वाज ने बताया कि किरतासर गांव में खेत की डिग्गी में डूबने से मां-बेटे सहित तीन लोगों की मौत हुई है। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया है और आगे की कार्रवाई की जा रही है।
इस हृदय विदारक हादसे के बाद किरतासर गांव में शोक की लहर है। एक ही परिवार के दो लोगों सहित तीन मौतों ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया है। गांव में हर आंख नम है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।