Thursday, 02 July 2026

जन आधार नागरिक-केंद्रित शासन की मजबूत आधारशिला: टीना डाबी


जन आधार नागरिक-केंद्रित शासन की मजबूत आधारशिला: टीना डाबी

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29 वें राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस सम्मेलन में बोलीं टोंक जिला कलक्टर—डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर से नागरिकों तक पहुंच रहीं सेवाएं

जयपुर। टोंक जिला कलक्टर टीना डाबी ने कहा कि राजस्थान जैसे भौगोलिक रूप से विस्तृत राज्य में नागरिकों को सेवाओं के लिए दूरी तय नहीं करनी चाहिए, बल्कि सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि सेवाएं नागरिकों के निकट पहुंचें। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने मजबूत डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया है, जिसके माध्यम से सरकारी सेवाएं आमजन को उनके निकट ही उपलब्ध हो रही हैं।

जिला कलक्टर टीना डाबी 29 वें राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस सम्मेलन के दूसरे दिन आयोजित प्लेनरी सत्र-5 में ‘सिटिजन सेंट्रिक गवर्नेंस: इन्क्लुसिव गवर्नेंस विषय पर बोल रही थीं। सत्र में तकनीक के माध्यम से शासन को अधिक पारदर्शी, सुलभ, जवाबदेह और नागरिकों की आवश्यकताओं के अनुरूप बनाने पर विचार-विमर्श किया गया।

सत्र की अध्यक्षता राजस्थान के प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं हेड ऑफ फॉरेस्ट फोर्स अरिजीत बनर्जी ने की। इस अवसर पर जल जीवन मिशन के मिशन निदेशक राजन विशाल तथा सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग के विशिष्ट सचिव एवं आयुक्त हिमांशु गुप्ता भी उपस्थित रहे।

जिला कलक्टर टीना डाबी ने ‘जन आधार’ को नागरिक-केंद्रित शासन की मजबूत आधारशिला बताया। उन्होंने कहा कि एकल पहचान प्रणाली के माध्यम से विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र नागरिकों तक अधिक प्रभावी और पारदर्शी तरीके से पहुंचाया जा रहा है। जन आधार जैसी व्यवस्था से सेवा वितरण में दोहराव कम होता है और लाभार्थियों की पहचान अधिक सटीक रूप से सुनिश्चित की जा सकती है।

उन्होंने ‘पोषण ट्रैकर’ का उदाहरण देते हुए कहा कि तकनीक के माध्यम से गर्भवती महिलाओं और बच्चों के पोषण की नियमित निगरानी की जा रही है। इससे स्वास्थ्य और पोषण से जुड़ी सेवाओं को अधिक लक्ष्य आधारित और प्रभावी बनाया जा सकता है।

टीना डाबी ने कहा कि ‘ई-मित्र’ के माध्यम से नागरिक ग्राम पंचायत स्तर पर ही अधिकांश सरकारी सेवाओं का लाभ प्राप्त कर सकते हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को छोटे-छोटे कार्यों के लिए जिला मुख्यालय या बड़े कार्यालयों तक जाने की आवश्यकता कम हुई है।

उन्होंने 181 हेल्पलाइन का उल्लेख करते हुए कहा कि कोई भी नागरिक अपनी शिकायत दर्ज कर सकता है और उसकी प्रगति की जानकारी प्राप्त कर सकता है। इससे शिकायत निवारण प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ी है।

जिला कलक्टर ने कहा कि सेवा वितरण में शेष अंतराल को दूर करने के लिए राज्य सरकार ग्रामीण और शहरी सेवा शिविरों का आयोजन भी कर रही है। इन शिविरों के माध्यम से सरकारी सेवाएं सीधे नागरिकों तक पहुंचाई जा रही हैं, जिससे आमजन को त्वरित राहत मिलती है।

सत्र का संचालन प्राइमस पार्टनर्स के प्रबंध निदेशक समीर जैन ने किया। सत्र के अंत में विशेषज्ञों ने प्रश्नोत्तर के माध्यम से प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं का समाधान किया। सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग के शासन सचिव डॉ. रवि कुमार सुरपुर और अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक कानून एवं व्यवस्था विजय कुमार सिंह ने सभी पैनलिस्टों को स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया।

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