



नामांतरण खोलने के एवज में मांगी गई थी रिश्वत, कार्रवाई की भनक लगते ही आरोपी पटवारी सुरेंद्र स्वामी फरार
जयपुर। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने गुरुवार को जयपुर जिले के चौमूं क्षेत्र में बड़ी ट्रैप कार्रवाई करते हुए पटवारी के निजी दलाल को एक लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया। कार्रवाई की भनक लगते ही आरोपी पटवारी सुरेंद्र स्वामी फरार हो गया। उसकी गिरफ्तारी के लिए एसीबी की टीमें संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं।
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के महानिदेशक गोविंद गुप्ता ने बताया कि एसीबी चौकी जयपुर नगर चतुर्थ को इस संबंध में शिकायत प्राप्त हुई थी। परिवादी ने बताया था कि उसने दिसंबर 2025 में चौमूं तहसील के आलीसर पटवार हल्के के चारणवास क्षेत्र में जमीन खरीदी थी। जमीन की रजिस्ट्री होने के बावजूद नामांतरण खोलने के लिए पटवारी सुरेंद्र स्वामी द्वारा अपने निजी दलाल भैरूराम यादव के माध्यम से एक लाख रुपये की रिश्वत मांगी जा रही थी।
शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने 1 जुलाई को उसका सत्यापन कराया। सत्यापन के दौरान रिश्वत मांगने की पुष्टि होने पर 2 जुलाई, गुरुवार को ट्रैप कार्रवाई की योजना बनाई गई। तय योजना के अनुसार परिवादी को रिश्वत राशि लेकर भेजा गया।
चौमूं कस्बे में एचपी पेट्रोल पंप के पास स्थित चाय की थड़ी पर जैसे ही दलाल भैरूराम यादव ने परिवादी से एक लाख रुपये की रिश्वत राशि ली, एसीबी टीम ने उसे रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। एसीबी ने मौके से रिश्वत राशि बरामद कर ली।
एसीबी के अनुसार, आरोपी पटवारी सुरेंद्र स्वामी, पटवार हल्का आलीसर, तहसील चौमूं, कार्रवाई की भनक लगते ही मौके से फरार हो गया। उसकी गिरफ्तारी के लिए एसीबी की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि नामांतरण प्रकरण में रिश्वत मांगने और राशि लेने में किन-किन लोगों की भूमिका रही।
यह कार्रवाई उप महानिरीक्षक द्वितीय ओमप्रकाश मीणा के सुपरवीजन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार गुप्ता के नेतृत्व में पुलिस निरीक्षक रामजीलाल और उनकी टीम ने की। वहीं एसीबी की अतिरिक्त महानिदेशक स्मिता श्रीवास्तव और महानिरीक्षक एस. परिमला के सुपरवीजन में गिरफ्तार आरोपी दलाल से पूछताछ की जा रही है।
एसीबी ने मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। फरार पटवारी की गिरफ्तारी के बाद मामले में और खुलासे होने की संभावना है।