



विशेष एसीबी कोर्ट में करीब 3000 पेजों का आरोप पत्र दाखिल, जांच अभी भी जारी
जयपुर। राजस्थान में जल जीवन मिशन से जुड़े कथित भ्रष्टाचार मामले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने तत्कालीन जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग मंत्री महेश जोशी और निजी व्यक्ति संजय बड़ाया के खिलाफ अदालत में चालान पेश कर दिया है। एसीबी ने विशेष एसीबी न्यायाधीश राजेश कुमार दडिया की अदालत में करीब 3000 पेजों का आरोप पत्र प्रस्तुत किया।
राज्य सरकार की ओर से लोक अभियोजक मंजुला जैन ने अदालत को बताया कि मामले में अनुसंधान अभी भी लंबित है और जांच जारी है। ऐसे में आगे की जांच के आधार पर मामले में और तथ्य या पूरक सामग्री सामने आ सकती है। अदालत में पेश किए गए चालान के बाद अब इस मामले में न्यायिक प्रक्रिया अगले चरण में आगे बढ़ेगी।
जल जीवन मिशन में कथित रूप से बड़े पैमाने पर अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर एसीबी लंबे समय से जांच कर रही है। इस प्रकरण में टेंडर प्रक्रिया, कार्य आवंटन, भुगतान और संबंधित प्रशासनिक निर्णयों से जुड़े पहलुओं की जांच की जा रही है। आरोपों के अनुसार, जल जीवन मिशन के कार्यों में कथित रूप से वित्तीय अनियमितताएं हुईं, जिनकी जांच के बाद एसीबी ने अलग-अलग चरणों में आरोप पत्र दाखिल किए हैं।
इस मामले में तत्कालीन अतिरिक्त मुख्य सचिव सुबोध अग्रवाल सहित 10 अन्य आरोपियों के खिलाफ भी पूर्व में चालान पेश किया जा चुका है। अब महेश जोशी और संजय बड़ाया के खिलाफ चालान पेश होने के बाद मामला और महत्वपूर्ण चरण में पहुंच गया है। एसीबी की ओर से अब तक कई चरणों में न्यायालय के समक्ष आरोप पत्र प्रस्तुत किए जा चुके हैं।
मामले में पूर्व मंत्री महेश जोशी, संजय बड़ाया, दिनेश गोयल, कृष्णदीप गुप्ता, शुभांशु दीक्षित, सुशील शर्मा, विशाल सक्सेना, डी.के. गौड़, महेंद्र प्रकाश सोनी, मुकेश पाठक और निरिल कुमार वर्तमान में न्यायिक हिरासत में बताए जा रहे हैं। इन आरोपियों के विरुद्ध जांच एजेंसियों द्वारा आरोपों, दस्तावेजों और वित्तीय लेन-देन से जुड़े पहलुओं की जांच की जा रही है।
एसीबी द्वारा चालान पेश किए जाने के बाद अब अदालत में आरोपों, दस्तावेजी साक्ष्यों और अभियोजन पक्ष की सामग्री पर विचार किया जाएगा। हालांकि, मामले में अंतिम निष्कर्ष न्यायालय की सुनवाई और विधिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सामने आएगा। फिलहाल एसीबी की जांच जारी है और मामले में आगे पूरक चालान या अतिरिक्त तथ्य भी प्रस्तुत किए जा सकते हैं।
जल जीवन मिशन केंद्र और राज्य सरकार की महत्वपूर्ण पेयजल योजना है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में घर-घर नल से जल उपलब्ध कराना है। ऐसे में इस योजना से जुड़े कथित भ्रष्टाचार के आरोपों को गंभीर माना जा रहा है। मामले में चालान पेश होने के बाद राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में भी इस प्रकरण को लेकर चर्चा तेज हो गई है।