



वरिष्ठ पत्रकार श्याम सुंदर शर्मा की जनहित याचिका पर आदेश, मानसरोवर स्थित सामुदायिक भवन की स्थिति सुधारने के निर्देश
जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने मानसरोवर स्थित पत्रकार कॉलोनी के सामुदायिक भवन को लेकर जयपुर विकास प्राधिकरण को स्पष्ट निर्देश दिए हैं। हाईकोर्ट ने जेडीए को आदेश दिया कि वह आगामी 15 दिन के भीतर सामुदायिक भवन को पूर्व की भांति रंग-रोगन सहित सभी आवश्यक सुविधाओं से युक्त बनाकर उपलब्ध कराए। अदालत ने मामले को 15 दिन बाद फिर से सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने के निर्देश भी दिए हैं, ताकि आदेश की अनुपालना की समीक्षा की जा सके।
हाईकोर्ट की खंडपीठ के न्यायाधीश जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा और जस्टिस मनीष शर्मा ने बुधवार को वरिष्ठ पत्रकार श्याम सुंदर शर्मा की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश पारित किए। याचिका में मानसरोवर स्थित पत्रकार कॉलोनी के सामुदायिक भवन के उपयोग, उपलब्धता और वर्तमान स्थिति को लेकर मुद्दा उठाया गया था।
सुनवाई के दौरान यह तथ्य सामने आया कि पूर्व में जयपुर विकास प्राधिकरण की ओर से हाईकोर्ट में शपथ पत्र प्रस्तुत किया गया था। जेडीए के अधिवक्ता अमित कुड़ी द्वारा दिए गए शपथ पत्र में कहा गया था कि पत्रकार कॉलोनी के सामुदायिक भवन में संचालित जोन 18-19 के कार्यालय को जेडीए मुख्यालय में शिफ्ट कर दिया गया है और अब सामुदायिक भवन खाली है।
वहीं, याचिकाकर्ता वरिष्ठ पत्रकार श्याम सुंदर शर्मा की ओर से अधिवक्ता निधि बिस्सा, अधिवक्ता तपिश सारस्वत और अधिवक्ता अनीश बदाला ने अदालत के समक्ष आग्रह किया कि जेडीए द्वारा सामुदायिक भवन को पूरी तरह से व्यवस्थित स्थिति में उपलब्ध नहीं कराया गया है। अधिवक्ताओं ने कोर्ट को बताया कि भवन की स्थिति अत्यंत खराब है और वर्तमान हालत में उसका उपयोग सामुदायिक गतिविधियों के लिए नहीं किया जा सकता।
याचिकाकर्ता पक्ष की ओर से यह भी कहा गया कि केवल भवन खाली करने से उद्देश्य पूरा नहीं होता, बल्कि उसे पूर्ववत उपयोग योग्य स्थिति में उपलब्ध कराया जाना आवश्यक है। इसी आधार पर कोर्ट से आग्रह किया गया कि जेडीए को सामुदायिक भवन में रंग-रोगन, मरम्मत और सभी मूलभूत सुविधाएं वापस उपलब्ध कराने के निर्देश दिए जाएं।
हाईकोर्ट की खंडपीठ ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जयपुर विकास प्राधिकरण को 15 दिन के भीतर सामुदायिक भवन को पूर्व की भांति सभी सुविधाओं सहित उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि मामले को 15 दिन बाद पुनः सुनवाई के लिए लगाया जाएगा, ताकि यह देखा जा सके कि जेडीए द्वारा कोर्ट के आदेश की अनुपालना की गई है या नहीं।
हाईकोर्ट के इस आदेश को पत्रकार कॉलोनी के निवासियों और सामुदायिक भवन के उपयोगकर्ताओं के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सामुदायिक भवन का उद्देश्य स्थानीय लोगों और पत्रकार कॉलोनी के निवासियों को सार्वजनिक, सामाजिक और सामुदायिक कार्यक्रमों के लिए सुविधाजनक स्थान उपलब्ध कराना है।
