



जयपुर। राजस्थान सरकार ने करीब 20 साल पुराने पांचना बांध जल विवाद को सुलझाने की दिशा में बड़ी सफलता हासिल की है। जन संसाधन मंत्री सुरेश रावत नेकहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की पहल और मंत्रियों के लगातार प्रयासों से दोनों पक्षों के बीच आपसी संवाद और सौहार्दपूर्ण वातावरण में सहमति बनी है। सरकार ने दोनों पक्षों की प्रमुख मांगों को स्वीकार करते हुए विवाद के समाधान का रास्ता तैयार किया है।
उन्होंने कहा कि कृषि मंत्री डॉ करोड़ी लाल मीणा औरगृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेडम की आपसी सहमति के बाद पांचना बांध जल विवाद लंबे समय से करौली और सवाई माधोपुर क्षेत्र के गांवों के बीच पानी के बंटवारे को लेकर चला आ रहा था। एक ओर बांध क्षेत्र के ग्रामीण अपनी जल आवश्यकताओं को लेकर चिंतित थे, वहीं दूसरी ओर कमांड एरिया के किसान लंबे समय से सिंचाई के लिए नहरों में पानी छोड़ने की मांग कर रहे थे।
जल संसाधन मंत्री सुरेश रावत ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की पहल पर सरकार ने इस विवाद को संवाद के माध्यम से हल करने की दिशा में कदम बढ़ाया। मंत्रियों ने दोनों पक्षों के किसान प्रतिनिधियों से बातचीत कर उनकी मांगों और चिंताओं को सुना। इसके बाद समाधान की दिशा में सहमति बनी।
उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से दोनों पक्षों को भरोसा दिलाया गया है कि पानी छोड़ने की प्रक्रिया संतुलित और व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाई जाएगी, ताकि किसी भी क्षेत्र के हित प्रभावित न हों।
जल संसाधन मंत्री सुरेश रावत ने कहा कि सहमति के अनुसार, पांचना बांध से पानी छोड़ने की तारीख अगले 7 दिनों में तय की जाएगी। इसके लिए संबंधित विभागों और अधिकारियों को आवश्यक प्रक्रिया आगे बढ़ाने के निर्देश दिए जाएंगे।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि नहरों में पानी छोड़ने के साथ-साथ सिंचाई तंत्र को भी मजबूत किया जाएगा। इससे कमांड एरिया के किसानों को नियमित और प्रभावी सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
जल संसाधन मंत्री सुरेश रावत ने कहा कि पांचना बांध से जुड़े क्षेत्रों में नहरों और सिंचाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए सरकार आवश्यक कदम उठाएगी। लंबे समय से पानी नहीं मिलने के कारण प्रभावित किसानों को राहत देने के साथ-साथ जल प्रबंधन की व्यवस्था को भी अधिक प्रभावी बनाया जाएगा।
सिंचाई तंत्र मजबूत होने से किसानों को फसल उत्पादन में लाभ मिलेगा और क्षेत्र की कृषि अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
जल संसाधन मंत्री सुरेश रावत ने कहा कि पांचना बांध जल विवाद का समाधान सरकार की संवाद आधारित कार्यशैली का उदाहरण माना जा रहा है। सरकार ने दोनों पक्षों को आमने-सामने बैठाकर उनकी बात सुनी और सौहार्दपूर्ण वातावरण में समाधान की दिशा तय की।
यजल संसाधन मंत्री सुरेश रावत ने कहा कि यह निर्णय प्रदेश में लंबे समय से लंबित जल विवादों को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने का संदेश देता है। सरकार का कहना है कि किसानों और ग्रामीणों के हितों को ध्यान में रखते हुए जल संसाधनों का न्यायसंगत और संतुलित उपयोग सुनिश्चित किया जाएगा।
जल संसाधन मंत्री सुरेश रावत ने कहा कि पांचना बांध विवाद के समाधान से कमांड एरिया के किसानों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। नहरों में पानी छोड़े जाने से सिंचाई सुविधा बेहतर होगी और लंबे समय से पानी की प्रतीक्षा कर रहे किसानों को लाभ मिलेगा।
सरकार की इस पहल को जल प्रबंधन, किसान हित और ग्रामीण विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।